लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के विधि संकाय से पांच वर्षीय बी.ए. एलएल.बी. (ऑनर्स) पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाली छात्रा शैलजा सिंह को विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में प्रतिष्ठित ‘चक्रवर्ती सिंह स्वर्ण पदक’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ-साथ शिक्षा एवं समाज के प्रति किए गए उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।
इस अवसर पर शैलजा सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अध्ययन, बार एक्ट (Bare Acts) के गहन अध्ययन, महत्वपूर्ण केस लॉ के विश्लेषण तथा स्वयं द्वारा तैयार किए गए विस्तृत नोट्स को दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी विद्यार्थी के लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन, समय प्रबंधन एवं लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की वास्तविक कुंजी हैं।
उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य न्यायिक सेवा (Judicial Services) में चयनित होकर न्याय व्यवस्था के माध्यम से समाज की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान उनके लिए केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और अधिक निष्ठा के साथ निभाने की प्रेरणा भी है।
शैलजा सिंह ने इस स्वर्ण पदक का संपूर्ण श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए कहा कि उनके संस्कार, विश्वास और निरंतर प्रोत्साहन के बिना यह उपलब्धि संभव नहीं थी। साथ ही उन्होंने अपने भाई अंकित का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने इस उपलब्धि की यात्रा में प्रारंभ से लेकर अंत तक हर कदम पर मार्गदर्शन, प्रेरणा और सहयोग प्रदान किया। उनके मार्गदर्शन और विश्वास ने उन्हें निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि यदि वे स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर ईमानदारी, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के साथ आगे बढ़ें, तो कोई भी सफलता असंभव नहीं है।





