तीन मोबाइल फोन, आठ बैंक पासबुक, तीन चेकबुक, दो एटीएम कार्ड व 15 हजार रुपए की नकदी बरामद
ए अहमद सौदागर लखनऊ। पुलिस कमिश्नर तरूण गाबा के निर्देशन में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत विकासनगर पुलिस ने यूपी के अलावा अलग-अलग राज्यों में साइबर
अपराध करने वाले गिरोह का खुलासा कर सोमवार को मुखबिर की सूचना पर तीन जालसाजों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की है। पुलिस को इनके पास से तीन मोबाइल फोन, आठ बैंक पासबुक, तीन चेकबुक, दो एटीएम कार्ड व 15 हजार रुपए की नकदी बरामद हुई है।
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुरकुट के मुताबिक पकड़े गए तीनों आरोपितों ने पूछताछ में अपना नाम विकासनगर थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर एन टू मकान नंबर 579 निवासी 25 वर्षीय सैफ पुत्र मोइनुद्दीन, डीएसई 912 अलीगंज सेक्टर सी विकासनगर निवासी 25 वर्षीय रेहान खान पुत्र शकील अहमद व जानकीपुरम क्षेत्र स्थित सरस्वती पुरम निवासी 26 वर्षीय नीरज शर्मा पुत्र रामलखन शर्मा बताया।
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुरकुट के मुताबिक इनका एक संगठित गिरोह है जो गिरोह के सरगना लक्ष्य यादव, हिमांशु यादव व आदर्श ठाकुर के साथ मिलकर जालसाजी की रकम को बैंक की मूल कापी उपलब्ध कराकर अलग-अलग राज्यों से बैंक खातों से जालसाजी की रकम जाता है जिसे नकदी धनराशि के रूप में नीरज शर्मा के जरिए से आगे भेजने की बात स्वीकार किया है।
एडीसीपी पूर्वी अमोल मुरकुट का कहना है तीनों आरोपितों ने पूछताछ में बताया कि सैफ, रेहान खान व नीरज शर्मा के खिलाफ अलग-अलग राज्यों तमिलनाडु से चार शिकायतें, बिहार से एक, कर्नाटक से एक, पश्चिम बंगाल से दो, केरल से एक, गुजरात से दो, तेलंगाना से एक, महाराष्ट्र से दो, यूपी से एक, हरियाणा से दो, ओडिशा से एक, पंजाब से एक व मध्य प्रदेश से एक सहित कुल 13 राज्यों से बीस से अधिक शिकायतें एनसीआरपी पोर्टल दर्ज थी।
पकड़े गए आरोपी रेहान खान, सैफ व नीरज शर्मा एक साथ मिलकर अपने व अपने परिवार जनों के बैंक खातों में अलग-अलग राज्यों की साइबर फ्राड की धनराशि को अपने खातों में लेकर अपना कमिशन काटकर चेक, एटीएम कार्ड द्वारा विड्राल करके नकद धनराशि को अबतक 1622999 रुपए गिरोह के सरगना तक पहुंचाने की बात स्वीकार किया है। एडीसीपी पूर्वी का कहना है कि इस गिरोह में कितने लोग और शामिल हैं इसके बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है।





