न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी) लखनऊ। सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा सत्यन नारावूर बनाम भारत संघ एवं अन्य में पारित निर्देशों के अनुपालन में प्रदेश की कारागारों में निरुद्ध दिव्यांगजन बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के प्रभावी अनुश्रवण एवं निगरानी के उद्देश्य से महानिदेशक, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश पी. सी. मीना की अध्यक्षता में गठित अनुश्रवण एवं अनुपालन हेतु निगरानी समिति की बैठक आज दिनांक 03 अगस्त, 2026 को मुख्यालय, कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश में आयोजित की गई।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक में प्रदेश के समस्त वरिष्ठ अधीक्षक/अधीक्षक, कारागार द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सहभागिता की गई। बैठक के दौरान प्रदेश की विभिन्न कारागारों में निरुद्ध दिव्यांगजन बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं, सहायक उपकरणों, सुगम्यता (Accessibility), यूडीआईडी (UDID) कार्ड, विधिक सहायता, पुनर्वास तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की जनपदवार समीक्षा की गई।
महानिदेशक ने निर्देश दिए कि दिव्यांगजन बंदियों के अधिकारों एवं गरिमा की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए उन्हें शासन एवं भारत सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी आवश्यक सुविधाएं समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने विशेष रूप से यूडीआईडी कार्ड निर्गमन, एक्सेसिबिलिटी ऑडिट, आवश्यक सहायक उपकरणों की उपलब्धता तथा संबंधित विभागों के साथ प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में विभिन्न कारागारों से प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं पर भी विचार-विमर्श किया गया तथा उनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर अपर महानिरीक्षक कारागार प्रशासन धर्मेंद्र सिंह, उपमहानिरीक्षक कारागार सुभाष चंद्र शाक्य, डॉ. रामधनी तथा वरिष्ठ अधीक्षक रंगबहादुर पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।





