मलिहाबाद लखनऊ। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ के थाना क्षेत्र के इलाके में नियुक्ति के 10 वर्षों तक संतोषजनक सेवा करने के उपरांत शिक्षकों को देय चयन वेतनमान के लिए शिक्षक भटकने को मजबूर हैं। प्रदेश में हजारों ऐसे शिक्षक हैं जिनकी समय अवधि पूर्ण हो चुकी है विशेषकर 29000 विज्ञान गणित शिक्षक जिनकी नियुक्ति सितंबर 2015 में हुई थी एक माह बाद भी चयन वेतनमान लगाने की प्रक्रिया आरंभ न होने से शिक्षकों में आक्रोश है। कई जिलों के शिक्षकों ने चयन वेतनमान लगाने के संबंध में ज्ञापन भी दिए हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है जिससे शिक्षकों में काफी निराशा व नाराजगी व्याप्त है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे ने बताया कि विभिन्न जनपदों के शिक्षकों ने अवगत कराया हैं कि अधिकारी मानव संपदा पोर्टल में तकनीकी समस्या बताकर उनके चयन वेतनमान लगाने में हीलाहवाली कर रहे हैं*। कहीं-कहीं शिक्षकों ने चयन वेतनमान के लिए ऑफलाइन आवेदन भी कर दिया है। लेकिन उस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लापरवाही का आलम यह है कि मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध शिक्षकों की ई सर्विस बुक भी अपडेट नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष ने बताया है कि शिक्षकों की ई सर्विस बुक में कई त्रुटियां हैं जैसे शिक्षक कैडर, 2016 में लगा सातवां वेतन आयोग आदि जिसे अपडेट करने के लिए शिक्षक कई बार ऑफिसों के चक्कर लगा चुके हैं* लेकिन ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
उन्होंने उत्तर प्रदेश शासन से आग्रह किया है कि शिक्षकों के चयन वेतनमान का लाभ अभिलंब प्रदान करने हेतु सर्विस बुक को अति शीघ्र अद्यतन किया जाए। अगर ऑनलाइन प्रक्रिया में कोई बाधा उत्पन्न हो रही है तो ऑफलाइन प्रक्रिया के माध्यम से शिक्षकों को तुरंत इसका लाभ मिलना चाहिए।




