लखनऊ। भारतीय उद्योग परिसंघ (CII), उत्तर प्रदेश ने 17 मार्च 2026 को लखनऊ में “विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण: उद्योग को शक्ति, लोगों को सशक्तिकरण, समृद्धि की दिशा” विषय पर अपना राज्य वार्षिक सत्र 2025–26 एवं सम्मेलन आयोजित किया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के अग्रणी प्रतिनिधि तथा सदस्य शामिल हुए, जिन्होंने राज्य की विकास प्राथमिकताओं और विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण की दिशा पर विचार-विमर्श किया।
यह सत्र उद्योग और सरकार के बीच संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ, जिसमें उत्तर प्रदेश को भारत की अर्थव्यवस्था के प्रमुख विकास इंजन के रूप में सशक्त बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों ने राज्य के आर्थिक परिवर्तन के लिए आवश्यक प्रमुख क्षेत्रों और नीतिगत प्राथमिकताओं पर अपने विचार साझा किए।
ऊर्जा एवं पावर पर आयोजित सत्र में अपने संबोधन के दौरान श्री नरेंद्र भूषण, आईएएस, अपर मुख्य सचिव, ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा, उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की स्वच्छ ऊर्जा दिशा में हुई उल्लेखनीय प्रगति को रेखांकित करते हुए बताया कि लक्षित हरित ऊर्जा क्षमता का लगभग 50% पहले ही प्राप्त किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश धीरे-धीरे एक अधिक टिकाऊ और विविध ऊर्जा मिश्रण की ओर अग्रसर है, जो राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप है। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत समर्थन, व्यवसाय सुगमता और निजी क्षेत्र की भागीदारी को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित कर रहा है।
श्री आशीष कुमार गोयल, आईएएस, अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, यूपीपीसीएल ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में ऊर्जा की स्थिति स्थिर और पर्याप्त है तथा राज्य में बिजली की कोई बड़ी कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकार वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करने पर कार्य कर रही है, जिसमें दक्षता और उपभोक्ता अनुभव को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने उद्योग संगठनों, विशेष रूप से CII से ऊर्जा दक्षता के प्रति उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया और विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रति यूपीपीसीएल की प्रतिबद्धता दोहराई।
“उत्तर प्रदेश: एक औद्योगिक विकास इंजन” विषयक सत्र में श्री आलोक कुमार, आईएएस, प्रमुख सचिव, योजना एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन, उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य की बुनियादी ढांचा आधारित विकास और उभरते तकनीकी इकोसिस्टम के लिए दूरदर्शी योजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि लखनऊ को देश का पहला AI सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे यह नवाचार, अनुसंधान और नई पीढ़ी के डिजिटल उद्यमों का केंद्र बनेगा। साथ ही, कानपुर को ड्रोन सिटी के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे उन्नत विनिर्माण, कौशल विकास और मानव रहित तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार सड़कों, एक्सप्रेसवे और राजमार्गों में निवेश कर बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है, ताकि बेहतर कनेक्टिविटी और वस्तुओं एवं लोगों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
“विकसित उत्तर प्रदेश @ 2047: विजन से एक्शन तक” सत्र में श्री मनोज कुमार सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन ने वैश्विक आर्थिक प्रवृत्तियों का उल्लेख करते हुए भारतीय उद्योग से उन्नत विनिर्माण, हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीकों और नए युग की सेवाओं जैसे क्षेत्रों के साथ तालमेल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश इन अवसरों का लाभ उठाने के लिए नीतिगत समर्थन, नवाचार आधारित इकोसिस्टम और संस्थागत सुधारों के माध्यम से स्वयं को सशक्त कर रहा है।
“उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का रूपांतरण” सत्र में श्री अमित कुमार घोष, आईएएस, अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा, उत्तर प्रदेश सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में राज्य में अस्पतालों के पैनल में शामिल होने और सेवाओं के विस्तार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उन्होंने स्वास्थ्य अवसंरचना, टेलीमेडिसिन और वंचित क्षेत्रों में स्वास्थ्य एवं वेलनेस केंद्रों के विकास में निजी क्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया और CII के साथ सहयोग को आमंत्रित किया।
“उत्तर प्रदेश में श्रम सुधार” सत्र में श्री (डॉ.) एम. के. शन्मुग सुन्दरम, आईएएस, प्रमुख सचिव, श्रम एवं रोजगार विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि भारत सरकार द्वारा हाल ही में लागू किए गए नए श्रम संहिताओं का उद्देश्य श्रम कानूनों को सरल और समेकित बनाना है, और राज्य इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश श्रमिकों के कल्याण और उद्योग के लिए व्यवसाय सुगमता के बीच संतुलन बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। साथ ही, श्रम सेवाओं के डिजिटलीकरण, पारदर्शिता और विवाद समाधान तंत्र को सुदृढ़ करने के प्रयास भी जारी हैं।
श्री अभिषेक सर्राफ, प्रबंध निदेशक, अवध रेल इन्फ्रा लिमिटेड ने सी.आई.आई. उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया है, तथा श्री प्रणय एस. गर्ग, प्रबंध निदेशक, एडवांस वाल्व्स प्राइवेट लिमिटेड, सीआईआई उत्तर प्रदेश राज्य के उपाध्यक्ष बने हैं।
सत्र को संबोधित करते हुए श्री दीपक कुमार, इंफ्रास्ट्रक्चर एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC), उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा कि उत्तर प्रदेश तेजी से भारत के सबसे संभावनाशील व्यावसायिक गंतव्यों में से एक के रूप में उभर रहा है। निवेशक-अनुकूल नीतियों, त्वरित अनुमोदनों, विश्वस्तरीय अवसंरचना और व्यवसाय सुगमता पर मजबूत फोकस के साथ राज्य उद्यमियों, एमएसएमई और वैश्विक निवेशकों के लिए वास्तविक अवसर सृजित कर रहा है। उन्होंने उद्योग जगत से कौशल विकास के क्षेत्र में अपनी भागीदारी बढ़ाने का भी आग्रह किया और युवाओं को भविष्य के उद्योगों के लिए तैयार करने हेतु सरकार के साथ साझेदारी करने की अपील की।
डॉ. उपासना अरोड़ा, चेयरपर्सन, सीआईआई उत्तर प्रदेश ने सीआईआई उत्तर प्रदेश वार्षिक सत्र 2025–26 में राज्य की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में हो रही मजबूत प्रगति पर बल दिया। उन्होंने उद्योग–सरकार सहयोग को बढ़ावा देने, प्रमुख क्षेत्रीय पहलों को आगे बढ़ाने और समावेशी विकास को सक्षम बनाने में सीआईआई की सक्रिय भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा को समर्थन देने और विकसित भारत के विजन में योगदान करने के लिए सीआईआई की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।
श्री अभिषेक सर्राफ, उपाध्यक्ष, सीआईआई उत्तर प्रदेश ने राज्य में बढ़ती औद्योगिक गति और ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहयोगात्मक प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने विकास को गति देने के लिए नवाचार, अवसंरचना विकास और व्यवसाय सुगमता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सीआईआई उद्योग सहभागिता को मजबूत करने और नीतिगत वकालत (पॉलिसी एडवोकेसी) को समर्थन देने पर निरंतर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
श्री यावर अली शाह, सह-संस्थापक एवं सीईओ, एएमए हर्बल्स लेबोरेटरीज ने कहा कि अनुपालन प्रक्रियाओं को सरल बनाना, कौशल विकास को मजबूत करना और औपचारिकरण को बढ़ावा देना उत्पादकता बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रगतिशील और व्यावहारिक श्रम नीतियां उत्तर प्रदेश में सतत औद्योगिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इस अवसर पर उद्योग जगत के नेताओं ने उत्तर प्रदेश की अपार आर्थिक संभावनाओं पर बल देते हुए विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर सुधार, बुनियादी ढांचा विकास और निवेश प्रोत्साहन की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधियों, नीति विशेषज्ञों और संस्थागत हितधारकों ने भाग लिया, जिससे यह उत्तर प्रदेश की भविष्य की विकास दिशा तय करने का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ।
श्री अभिषेक सर्राफ, प्रबंध निदेशक, अवध रेल इन्फ्रा लिमिटेड ने सीआईआई उत्तर प्रदेश राज्य के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया है, तथा श्री प्रणय एस. गर्ग, प्रबंध निदेशक, एडवांस वाल्व्स प्राइवेट लिमिटेड, सीआईआई उत्तर प्रदेश राज्य के उपाध्यक्ष बने हैं। अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष का विवरण संदर्भ हेतु संलग्न है।




