पुलिस ने पन्द्रह आरोपियों को भेजा सलाखों के पीछे
ए अहमद सौदागर लखनऊ। आजमगढ़ जिले में फर्जी पीएम किसान योजना के ऐप और इन्वेस्टमेंट में मुनाफे का लालच देकर ठगों ने एक सौ दस करोड़ रुपये ठग लिए। साइबर क्राइम पुलिस ने सोमवार को इंटरनेशनल गैंग का खुलासा किया। पुलिस ने 15 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 23 मोबाइल फोन, 15 सिमकार्ड, 14 एटीएम कार्ड और 2 कारें बरामद की गईं हैं।
थाना साइबर क्राइम आजमगढ़ की टीम ने इस गैंग का पर्दाफाश किया। पुलिस से एक व्यक्ति ने 8 लाख रुपये ठगे जाने की जानकारी दी थी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की तो पता चला कि गैंग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ठगी कर रहा है। शुरुआत में पुलिस ने परवेज अंसारी और मो. कलीम को गिरफ्तार किया था। इन्हीं से मिले इनपुट के आधार पर पुलिस अन्य आरोपियों तक पहुंची।
अपर पुलिस अधीक्षक विवेक त्रिपाठी ने बताया कि गैंग सोशल मीडिया के जरिए लोगों को अपने बैंक खाते, एटीएम और सिमकार्ड उपलब्ध कराने पर मोटा कमीशन देने का लालच देता था। खातों की जानकारी लेने के बाद गैंग प्रधानमंत्री किसान और ई चालान के नामसे लोगों को मैसेज भेज फोन हैक करता था। इसके बाद बैंक खाते से रकम उडा देता था। पुलिस ने पहले परवेज अंसारी और मो. कलीम को पकड़ा। इनसे पूछताछ में कई अन्य आरोपियों के भी नाम सामने आए।
सोमवार को पुलिस ने हुसड़िया चौराहे के पास दो होटलों में छापेमारी कर 13 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। इनमें मोनू चौरसिया, सुल्तान अंसारी और बृजेश कुमार आदि शामिल हैं। मामले में कुल 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में इमरान अली उर्फ समद निवासी रामपुर, सुल्तान अंसारी निवासी झारखंड, अंकित कुमार निवासी दिल्ली, सरफराज निवासी छत्तीसगढ़, आदेश सिंह निवासी कानपुर, अमन प्रताप निषाद निवासी सोनभद्र, विनायक मालवीय निवासी सोनभद्र, अर्जुन सिंह निवासी सोनभद्र, अमित सिंह निवासी गाजीपुर, चन्द्रभूषण सिंह निवासी गाजीपुर, अतुल सिंह चौहान निवासी शाहजहांपुर, अतुल आनन्द निवासी चन्दौली, पंकज पांडेय निवासी चन्दौली, अभिनव उर्फ मोनू चौरसिया निवासी गोरखपुर, बृजेश कुमार, कैमूर निवासी बिहार शामिल हैं।




