न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी) लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित महत्वाकांक्षी ‘मिशन शक्ति अभियान’ के अंतर्गत बेसिक शिक्षा विभाग के परिषदीय प्राथमिक, उच्च प्राथमिक एवं कंपोजिट विद्यालयों तथा कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों (केजीबीवी) में व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियों का सफल आयोजन किया जा रहा है। अभियान के दूसरे दिन प्रदेश भर के विद्यालयों में कुल 11,72,102 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इनमें 8,16,108 विद्यार्थी, 2,90,551 अभिभावक तथा 65,443 शिक्षक शामिल रहे। प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों में 4,53,744 बालिकाएं और 3,62,364 बालक शामिल रहे। विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के जरिए बालिकाओं के अधिकारों, सुरक्षा, आत्मसम्मान और स्वावलंबन का सशक्त संदेश समाज तक पहुंचाया गया।
अभियान के दौरान परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में बालिकाओं के विधिक व मौलिक अधिकारों पर केंद्रित संवाद सत्र आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक, कठपुतली शो और नाट्य रूपांतरण के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध चेतना जागृत की। इसके साथ ही छात्र-छात्राओं द्वारा हाथों में प्रेरक स्लोगन, पोस्टर और बैनर लेकर भव्य जागरूकता रैलियां निकाली गईं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को महिला एवं बाल सुरक्षा हेतु संचालित महत्वपूर्ण हेल्पलाइन सेवाओं—महिला हेल्पलाइन 1090 व 181, आपातकालीन सेवा 112 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के उपयोग और कार्यप्रणाली से विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि मिशन शक्ति अभियान के अंतर्गत बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान के प्रति सजग व जागरूक बनाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में आयोजित की जा रही ये गतिविधियां बच्चों को जागरूक करने के साथ-साथ संकट अथवा आवश्यकता के समय आपातकालीन सहायता सेवाओं से जोड़ने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही हैं। इस प्रकार के निरंतर प्रयासों से बालिकाओं के भीतर आत्मविश्वास का संचार होगा और समाज में एक भयमुक्त व सुरक्षित वातावरण का निर्माण सुनिश्चित होगा।
महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने बताया कि मिशन शक्ति अभियान के तहत तय रूपरेखा के अनुसार गतिविधियों का प्रभावी संचालन और छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कराई जा रही है। प्रभात फेरी, रैली, पोस्टर प्रदर्शनी और संवाद जैसी रचनात्मक गतिविधियों से बालिकाओं को उनके अधिकारों व सुरक्षा उपायों के प्रति संवेदनशील बनाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि पूर्व निर्धारित कार्ययोजना के क्रम में आगामी 13 अक्टूबर को विद्यालय, विकासखंड, तहसील, जनपद और मंडल स्तर पर बालिकाओं के अधिकारों एवं सुरक्षा से संबंधित विविध कार्यक्रमों का वृहद स्तर पर आयोजन किया जाएगा।





