August 8, 2026 2:19 am

आस्था और संस्कृति का महाकुंभ: पौराणिक कथाओं से वैश्वीकृत युग तक ” विषय पर ऑनलाइन माध्यम से एक विशिष्ट व्याख्यान कार्यक्रम का हुआ आयोजन

लखनऊ। खुन खुन जी गर्ल्स पी.जी. कॉलेज, लखनऊ व राजकीय डिग्री कॉलेज, बनबसा, चंपावत उत्तराखंड के संयुक्त तत्वाधान मे “आस्था और संस्कृति का महाकुंभ: पौराणिक कथाओं से वैश्वीकृत युग तक ” विषय पर ऑनलाइन माध्यम से एक विशिष्ट व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस व्याख्यान कार्यक्रम में डॉ. अभिमन्यु सिंह, डॉ सत्यकेतु व डॉ अशोक कुमार शतपथी सहायक प्रोफेसर, संस्कृत एवं प्राकृत भाषा विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय, मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे l

 

इस कार्यक्रम में डॉ. सिंह ने स्कंदपुराण के महत्व को विस्तार से समझाया, जिसमें उन्होंने विशेष रूप से कुंभ मेला की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डाला। व्याख्यान में उन्होंने कुंभ मेला को भारतीय संस्कृति और आस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया, जिसे प्राचीन ग्रंथों में विशेष स्थान प्राप्त है।

 

तत्पश्चात डॉ. सत्यकेतु जी ने “सर्वसिद्धिप्रदः कुम्भः” विषय पर गहरी चर्चा की, जिसमें उन्होंने कुंभ मेला के माध्यम से जीवन में सिद्धि और आत्मशुद्धि के पहलुओं को प्रस्तुत किया। डॉ. अशोक कुमार शतपथी जी ने “प्रयागराज का पौराणिक महात्म्य” पर अपने विचार प्रस्तुत किए, जिसमें उन्होंने प्रयागराज के धार्मिक और पौराणिक महत्व को समझाया। साथ ही, इन सभी विद्वानों ने इस चर्चा को और भी समृद्ध और प्रासंगिक बना दिया। इस व्याख्यान कार्यक्रम में के . एस. साकेत पी. जी. कॉलेज के प्राचार्य डॉ दान पति त्रिपाठी जी व राजकीय महाविद्यालय बनबसा के प्राचार्य प्रो. आनन्द प्रकाश सिंह उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम के आयोजन में विभाग की प्रमुख प्रो. मांडवी सिंह ने अपनी संयोजक व मार्गदर्शक की भूमिका निभाई। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा ” इस प्रकार के आयोजन हमें हमारे धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ते हैं।यह महाकुंभ धार्मिक समागम से कहीं ज्यादा है । यह आस्था, अनुष्ठानों व आध्यात्मिक ज्ञान के साथ जुड़ा एक जीवन्त उत्सव है l यह हम सब के लिए गर्व का विषय है कि हम सभी इस महाकुंभ के साक्षी हैं। कुम्भ समय व सीमा से परे करोड़ों लोगों को उनके आध्यात्मिक मूल से जोड़ता है तथा समस्त विश्व को एकता के सूत्र में सूत्रबद्ध करता है।

इस व्याख्यान कार्यक्रम के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन की प्रक्रिया में राजकीय महाविद्यालय बनबसा चंपावत उत्तराखंड की ओर से प्रो. मुकेश कुमार, संस्कृत विभाग ने सभी वक्ताओं का आभार प्रकट किया तथा कार्यक्रम के अन्त में खुन खुन जी कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. अंशु केडिया, ने महाकुंभ के महात्म्य का वर्णन करते हुए उपस्थित सभी वक्ताओं, श्रोताओं और सहभागियों का आभार व्यक्त किया। सत्र में विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों के शोधार्थियों, छात्रों और विद्वानों ने भाग लिया। इस व्याख्यान कार्यक्रम के आयोजन में डॉ पारुल सिंह व डॉ सत्यम तिवारी ने सहयोग प्रदान किया l

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