August 8, 2026 2:14 am

इन लोगों के कातिलों को कब तलाशेगी खाकी, न शवों की कर पाई शिनाख्त न मिले हत्यारे 

पुलिस अपनी हाईटेक तकनीकी अपनाकर खूनियों की खोजबीन करने का किया दावा, लेकिन नतीजा सिफर 

काकोरी व मड़ियांव क्षेत्र में हुई घटनाओं का मामला 

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। महिला दिवस से 364 दिन पीछे मुड़कर नजर डालने पर राजधानी में महिला सुरक्षा की जो तस्वीर उभरती है, वह काफी खौफनाक है। मड़ियांव से काकोरी तक महिलाओं की बेरहमी से हत्या की घटनाओं ने इलाकाई लोगों को नहीं, बल्कि शहर को झकझोर कर रख दिया।

नागरिक, सामाजिक संगठन और राजनीतिक दल भी सड़क पर उतरकर खूब शोर-शराबा करते हैं, लेकिन नतीजा सिफर। पुलिस ने भले ही हत्यारों की धरपकड़ की हो, लेकिन कुछ संगीन वारदातें आज भी पुलिस की फाइलों में गोते लगा रही हैं।

गौर करें तो अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर हर साल हर तरफ होते आयोजनों के बीच तमाम तरह की बातें होती हैं, लेकिन कुछ सालों से लेकर अबतक कईयों घटनाओं का पुलिस आज तक राजफाश करना तो दूर शवों की पहचान नहीं करा सकी।

सवाल है कि आखिर इनका कातिल कौन है फिलहाल काकोरी और मड़ियांव पुलिस के पास इन सवालों का जवाब नहीं है। जब इस मामले किसी जिम्मेदार पुलिस के आलाधिकारी से बात की गई तो उनका बस एक ही रटा-रटाया जवाब मिला प्रयास जारी है और जल्द ही हत्यारे सलाखों के पीछे होंगे।

अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर हर साल हर तरफ महिला सशक्तिकरण महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों को लेकर जगह-जगह शोर होता है। हर कोई महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकार का हिमायती है, लेकिन बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर महिलाओं के साथ होने वाला यह अपराध थमेगा कैसे? महिलाएं कब बेखौफ होकर सड़क पर चल सकेंगी? पुलिस ने यूं तो फाइलों पर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई योजनाएं तैयार की, लेकिन सब ढाक के तीन पात साबित हो रही है।

बीते कुछ सालों पहले मड़ियांव क्षेत्र के आईआईएम रोड पर दो महिलाओं की हत्या कर फेंकी गई लाश मिली थी। इस घटना का राजफाश करने के लिए पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन हत्यारे पकड़ में नहीं आ सके।

यह तो कुछ वर्ष पहले की घटना का जिक्र है हाल ही में नौ अप्रैल 2026 को काकोरी क्षेत्र के इब्राहिमपुर मदारपुर गांव के पास एक महिला की बेरहमी से हत्या कर शव पड़ा मिला था। पुलिस ने शव की पहचान कराने और कातिलों की खोज में जुटी, लेकिन अट्ठारह दिन गुजरने के बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। यह महज बानगी भर है और भी कई घटनाओं का लखनऊ पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है।

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