न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी) लखनऊ। उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (उपकार) के महानिदेशक डॉ. संजय सिंह की अध्यक्षता में दिनांक 26 फरवरी, 2026 को परिषद के सभाकक्ष में क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की वर्ष 2025-26 की 24वीं बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में भारत मौसम विज्ञान विभाग से प्राप्त पूर्वानुमानों के आधार पर प्रदेश के कृषकों को आगामी दो सप्ताह के लिए कृषि प्रबंधन हेतु महत्वपूर्ण सुझाव और परामर्श जारी किए गए हैं। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में प्रदेश के समस्त कृषि जलवायु अंचलों में मौसम मुख्यतः शुष्क रहने और तापमान में क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है।
बढ़ते तापमान और तेज हवाओं के दृष्टिगत विशेषज्ञों ने किसानों को रबी फसलों के खेतों में नमी बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार सायंकाल में हल्की सिंचाई करने की सलाह दी है। देर से बोए गए गेहूं में दाना भरने की अवस्था में पोटैशियम नाईट्रेट के पर्णीय छिड़काव और गेरूई व पत्ती धब्बा रोग के नियंत्रण हेतु प्रोपीकोनाजोल के प्रयोग का सुझाव दिया गया है। इसके साथ ही चने में फलीबेधक कीट और अरहर में फल मक्खी के प्रकोप को रोकने के लिए उचित कीटनाशकों के छिड़काव की संस्तुति की गई है।
बैठक में जानकारी दी गई कि वर्तमान मौसम जायद की फसलों जैसे टमाटर, भिंडी, लोबिया और कद्दूवर्गीय सब्जियों की बुवाई के लिए पूरी तरह अनुकूल है। बसंतकालीन गन्ने की बुवाई हेतु नवीन उन्नत किस्मों के प्रयोग पर बल दिया गया है, जबकि लाल सड़न रोग से संक्रमित किस्म को.-0238 की बुवाई न करने की सख्त हिदायत दी गई है। गन्ने के साथ अंतःफसल के रूप में उर्द, मूंग या लोबिया की खेती कर किसान अपनी आय बढ़ा सकते हैं।
उद्यान एवं अन्य प्रभागों के लिए जारी परामर्श में आम के बौर को कीटों और खर्रा रोग से बचाने के उपाय साझा किए गए हैं। पशुपालकों को एफ.एम.डी. के निशुल्क टीकाकरण का लाभ उठाने और मत्स्य पालकों को कॉमन कार्प व पंगेशियस बीज संचय करने का सुझाव दिया गया है। इस बैठक की विस्तृत रिपोर्ट उपकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई गई है।




