औरास उन्नाव। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ से सटे जनपद उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र स्थित ग्राम हमीरपुर में आज ‘सत साहेब सतगुरु मुंशी दास धाम बुद्ध विहार’ में गौतम बुद्ध जन्मोत्सव (बुद्ध पूर्णिमा) का कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
महापुरुषों को नमन और पुष्पांजलि कार्यक्रम की शुरुआत धाम के संत गुरु ने भगवान गौतम बुद्ध और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर और उनके चरणों में नमन करके की। इस अवसर पर पूरा परिसर बुद्ध के जयकारों से गुंजायमान रहा।
बुद्ध के त्याग और ज्ञान की चर्चा श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए संत गुरु ने कहा कि “भगवान बुद्ध का जन्म लगभग 563 ईसा पूर्व लुंबिनी में सिद्धार्थ के रूप में हुआ था। एक राजकुमार होने के बावजूद उन्होंने सत्य की खोज के लिए राजसी सुखों का त्याग किया। वे केवल एक गुरु नहीं, बल्कि महान विचारक और ज्ञान के पुंज थे।”
शिक्षा और संघर्ष का आह्वान संत गुरु ने बाबा साहेब के संदेशों को बुद्ध की शिक्षाओं से जोड़ते हुए ग्रामीणों से अपील की कि शिक्षा सर्वोपरि: शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। अपने बच्चों को शिक्षित करें क्योंकि शिक्षा ही समाज में रोशनी लाती है। अपने अधिकारों को पाने के लिए संगठित होना और संघर्ष करना हमारा परम कर्तव्य है। पंचशील का मार्ग: जीवन को दुखों से मुक्त करने के लिए तथागत बुद्ध के बताए पंचशील मार्ग का अनुसरण करें।
समारोह के अंत में उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बुद्ध की शिक्षाओं को अपने जीवन में उतारने और उनके बताए मार्ग पर चलने की शपथ ली। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों सहित भारी संख्या में अनुयायी मौजूद रहे।




