तीन मोबाइल फोन व एक लैपटॉप बरामद
ए अहमद सौदागर लखनऊ। फर्जी फर्मों के माध्यम से करोड़ों की बोगस आई टीसी बेचकर जीएसटी चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा कर माल पुलिस व साइबर सेल की संयुक्त टीम ने गुरुवार को दो लोगों को गिरफ्तार किया है। ये लोग फर्मों के ई-वे बिल बनाते थे। गिरोह अबतक गरीब जरूरतमंद लोगों को 10-15 हजार रुपए का लालच देकर उनके आधार, पैन कार्ड, बैंक खाता, मोबाइल नंबर सहित अन्य दस्तावेज प्राप्त कर उन्हें गुमराह करते थे। साइबर सेल ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन व एक लैपटॉप बरामद किए हैं।
डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने बताया कि पकड़े गए दोनों जालसाजों ने पूछताछ में अपना नाम सीतापुर जिले के बिसवा थाना क्षेत्र स्थित पहाड़पुर निवासी चुंगा खां व लखनऊ के बासमंडी निवासी सलमान रहमानी बताया।
उन्होंने बताया कि बीते 28 अगस्त 2025 को नरेश वर्मा जीएसटी आडिट अनुभाग सहायक आयुक्त राज्य खंड ने माल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित के मुताबिक पकड़े गए आरोपितों का एक संगठित गिरोह है जो फर्म स्वामी रामकली पर छद्दा कियारा अधिग्रहण फर्म द्वारा आनलाइन पंजीयन पर घोषित पता व्यापार स्थल 86 माल के इब्राहिमपुर अस्तित्वविहिन फर्जी फर्म द्वारा सुनियोजित तरीके से आईटीसी का लाभ प्राप्त करने के लिए इनवाइसेस जारी एवं बिना अन-अनुमनय आईटीसी क्लेम व विभिन्न प्रकार से राजस्व क्षति करने के संबंध में माल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस गोरखधंधे का खुलासा कर माल व साइबर क्राइम की संयुक्त टीम ने गुरुवार को दोनों जालसाजों को धरदबोचा।
बताया जा रहा है पकड़े गए दोनों आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर फर्जी फर्म रजिस्टर्ड कराकर विभिन्न कंपनियों से संपर्क करते हुए एक दूसरे का लाभ पहुंचाने के इरादे से विभिन्न खाता धारकों के खाते में पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे। बताया जा रहा है कि गिरोह अबतक एक करोड़ 77 लाख रुपए से अधिक का लेनदेन कर चुका है। डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित के मुताबिक इस गिरोह में कितने लोग और शामिल हैं इसके बारे में जानकारी एकत्र की जा रही है।




