- वीना वाजपेई को डिजिटल अरेस्ट कर ठगे 90 लाख रुपए
इससे पहले साइबर थाने की पुलिस पांच जालसाजों को भेज चुकी है सलाखों के पीछे
इस गिरोह में शामिल अन्य ठगों की तलाश जारी
ए अहमद सौदागर लखनऊ। फर्जी एटीएस अफसर बनकर वीना वाजपेई नाम की महिला को डरा-धमकाकर डिजिटल अरेस्ट करने वाले गिरोह का खुलासा कर साइबर थाने की पुलिस ने तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने कॉल कर आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्तता का आरोप लगाकर उन्हें भयभीत कर उनकी गाढ़ी कमाई ऐंठ लिए थे।
डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित के मुताबिक पीड़िता वीना वाजपेई ने 26 जनवरी 2026 को तहरीर देकर बताया कि साइबर ठगों ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया था। कॉल करने वालों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताया। ठगों ने आतंकी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खाते से 90 लाख रुपए की ठगी कर ली थी।
डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित ने बताया कि इस मामले की छानबीन कर साइबर थाने की टीम ने शुक्रवार को तालकटोरा क्षेत्र स्थित राजाजीपुरम निवासी धीरज, उपरोक्त निवासी स्पर्श कपूर व कृष्णानगर क्षेत्र निवासी आशीष चन्द्रा को गिरफ्तार किया है।
उन्होंने बताया कि इस गिरोह में शामिल मयंक श्रीवास्तव, इरशाद, मनीष, मनोज यादव व जितेंद्र यादव उर्फ जीतू को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज चुकी है। इस मामले में डीसीपी क्राइम कमलेश दीक्षित लोगों से अपील करते हुए कहा कि भारत में डिजिटल अरेस्ट जैसा कोई प्रावधान नहीं, लिहाजा ऐसी किसी भी कॉल से न डरें और इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें।




