लखनऊ। एलायंस फॉर एन एनर्जी एफिशिएंट इकोनॉमी (एईईई) ने एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया। इसका उद्देश्य उत्तर प्रदेश में पुराने कोल्ड स्टोरेज सिस्टम को आधुनिक और ऊर्जा दक्ष प्रणाली में बदलना है। यह कार्यक्रम ‘संकल्प – शीतगृह सशक्तिकरण एवं नवोन्मेष’ के अंतर्गत आयोजित किया गया।
राज्य मंत्री (बागवानी) दिनेश प्रताप सिंह ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। उन्होंने कोल्ड स्टोरेज के आधुनिकीकरण को किसानों की आय से जोड़ा। साथ ही पीपीपी मॉडल और महिलाओं की भागीदारी पर बल दिया।
उत्तर प्रदेश में देश की कुल कोल्ड स्टोरेज क्षमता का 40 प्रतिशत है। आलू विभाग के उप निदेशक के.के. नीरज ने कोल्ड स्टोरेज की सुरक्षा पर चिंता जताई। कार्यशाला में ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा और सरकारी योजनाओं पर विचार-विमर्श हुआ।
यूपीएनईडीए के गिरीश कुमार ने बताया कि सौर ऊर्जा से बिजली लागत 85 प्रतिशत तक कम हो सकती है। मौजूदा स्टोरेज के उन्नयन की लागत 1 करोड़ रुपये, बहु-उत्पाद भंडारण केंद्र के लिए 2.3 करोड़ रुपये और संपूर्ण कोल्ड चेन अधोसंरचना के लिए 10 करोड़ रुपये का अनुमान है।
बागवानी निदेशक भानु प्रकाश राम ने कोल्ड स्टोरेज मालिकों से सक्रिय प्रस्ताव मांगे। एईईई के प्रमोद कुमार सिंह ने ‘संकल्प’ को नीति, वित्त और तकनीकी समन्वय का मंच बताया। कार्यशाला का समापन अनुभव साझाकरण और आगामी योजनाओं की चर्चा के साथ हुआ।




