August 8, 2026 2:15 am

काँवड़ यात्रा 2026 को लेकर अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक का आयोजन

डीजीपी ने कहा- “लक्ष्य जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट

मुजफ्फरनगर में व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

ए अहमद सौदागर लखनऊ। काँवड़ यात्रा-2026 और श्रावण शिवरात्रि को सकुशल संपन्न कराने के लिए सोमवार को मेरठ मंडलायुक्त सभागार में एक उच्चस्तरीय अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक हुई। बैठक की संयुक्त अध्यक्षता मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने की।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर हुई इस बैठक में उत्तर प्रदेश के साथ उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। उत्तराखंड से एडीजी एलओ वी. मुरुगेशन, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप,डीएम हरिद्वार मयूर दीक्षित, हरियाणा से आईजी करनाल अशोक कुमार, राजस्थान से एडीजी एलओ विजय कुमार सिंह और दिल्ली से जेसीपी विजय कुमार भौतिक रूप से मौजूद रहे। वहीं देहरादून, पौड़ी, टिहरी, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बागपत, हापुड़ और शामली के डीएम, एसपी वीसी के माध्यम से जुड़े।मुख्य सचिव ने कहा कि इस बार दिल्ली-सहारनपुर इकोनॉमिक एक्सप्रेस-वे और गंगा एक्सप्रेस-वे के संचालन के कारण विशेष ट्रैफिक प्रबंधन योजना बनाई गई है। इसकी जानकारी समय से काँवड़ संघों और आम जनता तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने सभी विभागों में बेहतर समन्वय और अभिसूचना तंत्र को सक्रिय रखने पर जोर दिया।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि मेरठ क्षेत्र का यह सबसे बड़ा आयोजन है। इसमें कई जनपद और राज्य शामिल होते हैं, इसलिए अंतर्राज्यीय समन्वय ही इसकी सफलता की कुंजी है। बैठक में लिए गए निर्णयों का ग्राउंड पर शत-प्रतिशत पालन हो।
उन्होंने यात्रा से पहले हर काँवड़ संघ, शिविर और डीजे संचालक से वार्ता कर उन्हें उच्च न्यायालय के आदेश और डीजे के मानकों से अवगत कराने के निर्देश दिए। पुलिस को व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए काँवड़ियों से लगातार संवाद रखने को कहा गया, ताकि कोई विवाद स्थानीय स्तर पर ही सुलझ जाए।

डीजीपी ने इस वर्ष का लक्ष्य “जीरो इंसिडेंट , जीरो एक्सीडेंट ” घोषित किया। उन्होंने सही सूचना के प्रसारण और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों के त्वरित खंडन के निर्देश दिए। साथ ही ड्यूटी पर तैनात हर पुलिसकर्मी को व्यवहारिक प्रशिक्षण और ब्रीफिंग देने को कहा।
बैठक के बाद डीजीपी ने मेरठ में आईसीसीसी का निरीक्षण और सोशल मीडिया व साइबर मॉनिटरिंग सेल का उद्घाटन किया। इसके बाद वे मुजफ्फरनगर पहुंचे।
शिव चौक पर बैरिकेडिंग, रूट डायवर्जन, कंट्रोल रूम, सीसीटीवी -ड्रोन निगरानी और भीड़ प्रबंधन का स्थलीय निरीक्षण किया। रिजर्व पुलिस लाइन में सहारनपुर परिक्षेत्र के मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली की समीक्षा बैठक ली।

डीजीपी ने निर्देश दिए कि आतंकवाद-रोधी सहित हर स्थिति के लिए रिस्पॉन्स प्लान तैयार रहे। एटीएस की भूमिका स्पष्ट हो। बाहरी राज्यों से आए पुलिस बल के आवास-भोजन और राज्य सीमा पर श्रद्धालुओं के लिए नागरिक सुविधाओं वाले होल्डिंग एरिया बनाए जाएं।
बैठक के अंत में डीजीपी ने “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत रिजर्व पुलिस लाइन में पौधा भी लगाया।

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