लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा ‘मोना’ ने एक प्रेसवार्ता के दौरान आरोप लगाया कि प्रदेश के कई जिलों (जैसे जालौन, अयोध्या, संभल आदि) में मनरेगा के तहत डिजिटल हाजिरी (NMMS ऐप) में भारी हेरफेर और फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। अलग-अलग कार्यस्थलों पर एक ही तस्वीर अपलोड करने और गलत मस्टर रोल के जरिए सार्वजनिक धन का दुरुपयोग करने के मामले सामने आए हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार के 8 जुलाई 2025 के उस पत्र का हवाला दिया, जिसमें ग्रामीण विकास मंत्रालय ने डिजिटल हाजिरी में फोटो हेरफेर जैसी 7 प्रमुख विसंगतियों पर सख्त कार्रवाई और सत्यापन के निर्देश दिए थे।
कांग्रेस की मुख्य मांगें:
निष्पक्ष जांच: जालौन, अयोध्या, संभल, हरदोई, गाजीपुर समेत प्रभावित जिलों में सामने आई अनियमितताओं, फर्जी ऐप्स (APK फाइलों) और एक्सेस-की के इस्तेमाल की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
सत्यापन विवरण सार्वजनिक हो: बारिश के दौरान दर्ज हाजिरी, तस्वीरों और मजदूरी भुगतान का वास्तविक मिलान किया जाए तथा केंद्र को भेजी गई कार्रवाई रिपोर्ट (ATR) का विवरण सार्वजनिक हो।
उत्तर प्रदेश सरकार से स्पष्टीकरण: सरकार जवाब दे कि क्या उसने केंद्र के निर्देशों का समय पर अनुपालन किया और कितने संदिग्ध मस्टर रोल की जांच हुई।
रिकवरी और कार्रवाई: पूरे प्रदेश में व्यापक जांच कराकर फर्जी भुगतान प्रमाणित होने पर धन की वसूली की जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
प्रेसवार्ता में शिव पाण्डेय, कुंवर सिंह निषाद, प्रियंका गुप्ता, सचिन रावत, सिद्धिश्री, डॉ. अलीमुल्ला खान और मान सिंह चौहान मुख्य रूप से मौजूद रहे।





