August 8, 2026 2:31 am

कानपुर रेप कांड: रक्षक ही बन रहे भक्षक तो कैसे थमे अपराध 

निघासन कांड की तरह अब सचेंडी थाना भी सुर्खियों में 

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। कानपुर जिले के सचेंडी थाना क्षेत्र नए साल के शुरुआती दौर में एक नाबालिग लड़की को अगवा कर चलती स्कार्पियो कार में दरिंदों ने उसकी इज्जत पर डाका डाला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के आलाधिकारियों ने गहनता से छानबीन शुरू की दागी पुलिसकर्मी का चेहरा बेनकाब कर दिया। यह बात साबित हो गई है कि थाने में तैनात रक्षक ही भक्षक बन गए थे और इस गुनाह पर पर्दा डालने में कुछ जिम्मेदार अफसरों ने भी अहम भूमिका निभाई थी। तब गुनाहगारों को बचाने में पुलिस महकमे की भी खूब किरकिरी हुई, लेकिन जैसे ही इस घिनौनी वारदात की आवाज राजधानी लखनऊ तक पहुंची तो पुलिस के उच्च अधिकारियों में हलचल मच गई और आनन-फानन में पीड़ित परिवार की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

अफसरों ने भीमसेन चौकी प्रभारी दरोगा अमित मौर्या और लापरवाही बरतने वाले सचेंडी थाना प्रभारी विक्रम सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। खास बात यह है कि इस घिनौने कृत्य में एक कथित पत्रकार भी शामिल था। वर्ष 2010 में लखीमपुर-खीरी जिले के निघासन थाना परिसर में मासूम बच्ची का कत्ल करने वाले कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि इसी थाने में तैनात दागी पुलिसकर्मियों ने ही किया था। ठीक इसी तरह कानपुर का यह मामला सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि पुलिस की छवि को भी झकझोर कर रख दिया है। एक नाबालिग लड़की को अगवा कर गैंगरेप की घटना ने मानों पूरे पुलिस महकमे को शर्मिन्दा होने के लिए मजबूर कर दिया है।

इनाम के बाद भी दागी दरोगा पुलिस की पकड़ से दूर, अपने को ही नहीं खोज पा रही खाकी 

कानपुर जिले के सचेंडी क्षेत्र में हुई गैंगरेप कांड में आरोपी दरोगा अमित मौर्या का नेटवर्क पुलिस पर भारी पड़ रहा है। पुलिस के जिम्मेदार अफसरों ने दागी पुलिसकर्मी की गर्दन दबोचने के लिए पचास हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। फरार चल रहे दरोगा अमित मौर्या की खोज में पुलिस की टीमें उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश देने का दावा किया, लेकिन अभी तक वह पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ सका। इससे आंशका जताई जा रही है कि आरोपी दरोगा अमित मौर्या अदालत में सरेंडर करने की फिराक में कहीं ऐसी जगह छिपा है जहां पुलिस की टीमें नहीं पहुंच पा रही है।

जानकार बताते हैं कि फरार उपनिरीक्षक अमित मौर्या की गर्दन तक पहुंचने के लिए अब उसके करीबियों के साथ-साथ कुछ मुखबिरों के बारे में भी पड़ताल कर रही है।

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