मलिहाबाद लखनऊ। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में आज हज़ारों किसानों की मौजूदगी में उठी एमएसपी, कर्जमाफी और सिंचाई की मांग शनिवार को मलिहाबाद के घोला (दुलार मऊ ) गांव में राष्ट्रीय किसान मंच की ओर से आयोजित किसान पंचायत में किसानों की समस्याएं जोर-शोर से उठाई गईं। पंचायत में पहुंचे किसान नेता और राष्ट्रीय किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार बाबा,ने कहा कि मलिहाबाद का आम पूरी दुनिया में मशहूर है।
लेकिन यहां के किसानों आज भी मूलभूत सुविधाओं से कोसो दूर हैँ. श्री बाबा ने कहा ज़ब हम यहां पहुचे और लोगों से ने बात कि तो बताया गया कि हैंडपम्प तो लगे हैँ लेकिन उसमे पानी नहीं है, लाइट तो खम्भे पर लगी है लेकिन वह कभी जलती नहीं है, पंचायत सचिवालय बने हैँ लेकिन सचिव साहब नदारद रहते हैँ. किसानों को खाद कि किल्ल्त रहती है, कई संपर्क मार्ग हैँ जिनकी हालात खस्ता है. श्री दीक्षित ने कहा कि जबतक गांव का विकास नहीं होगा, देश का विकास नहीं हो सकता,जबतक अन्न दाता नहीं खुशहाल होगा तबतक देश कि तरक्की सिर्फ दिन में सपने देखने जैसे हैं।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की कि अब वक्त आ गया है जब किसानों को उनके अधिकार देने होंगे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा – “अब किसानों को वादे नहीं, समाधान चाहिए।”
अरुण बाबा ने मांग की कि फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को कानूनी दर्जा दिया जाए, ताकि किसान खुले बाजार में लुटने से बच सकें। “हम मेहनत करते हैं, फसल उगाते हैं, लेकिन बाज़ार में दाम नहीं मिलता,” उन्होंने कहा कि किसान भारी कर्ज में डूबे हुए हैं और समय पर खाद, बीज और सिंचाई की सुविधा नहीं मिलती। राष्ट्रीय किसान मंच कि वरिष्ठ उपाध्यक्ष नीरा सक्सेना कहा कि सरकार को जल्द से जल्द कर्जमाफी की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। किसान पंचायत में, समद बेग, मिर्जा इमरान बेग, अजमेरी, मनोज कुमार, रामसेवक, जियालाल, रामपाल, प्रकाश, फैसल बेग और रईस बेग सहित हजारों कि संख्या में किसान मौजूद रहे।




