बामनवास। (संवाददाता) ग्राम पंचायत चांदनहोली में करिश्मा कर दिखाया है गरीब किसान के बेटे ने ,कहते है प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती है। सच्ची लगन व कड़ी मेहनत से इंसान को अपनी मंजिल को पाने से कोई रोक नहीं सकता है। इस कथन को सच साबित कर दिखाया है। गुदरी के लाल स्वर्गीय जगमोहन मीना के सुपुत्र दिलखुश मीना ने जे. ई. ई. एडवांस आई.आई.टी. की फाइनल परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 510 के साथ सफलता हासिल कर अपने परिवार गांव जिले का नाम रौशन किया है, आई.आई.टी.की तैयारी करने वाले बच्चों के लिए प्रेरणास्त्रोत बनकर उभरे है।
आमजन विकास समिति उपाध्यक्ष अशोक जारेडा चांदनहोली ने बताया दिलखुश के पिताजी बच्चों को बचपन में ही छोड़कर स्वर्ग सुधर गए थे। दिलखुश की माताजी सुनीता मीणा ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद बच्चों के साथ-साथ अपने परिवार का भी पालन पोषण किया और अपने बच्चों की पढ़ाई में भी ध्यान दिया।
इस उपलब्धि से पूरे गांव परिवार, दोस्त व शिक्षकों में हर्ष है। सफलता को श्रेय वह अपने परिवार, दोस्त व शिक्षकों के साथ अपनी माता जी सुनीता मीणा को देता है। जिन्होंने उसे अवसर दिया।
उनके परिवार के सदस्य रामबिहारी मीणा का कहना है कि दिलकुश मीणा ने सपनों को साकार करने के साथ-साथ साबित कर दिखाया है अपने सपनों को पूरा करने के लिए गरीबी आडे नहीं आती है मेहनत का फल मीठा होता है और कड़ी मेहनत लगन परिश्रम से सपना साकार कर दिखाया है।
इस मौके पर परिवार जनों एवं ग्राम वासियों ने खुशी व्यक्त की और मिठाई खिलाकर सबका मुंह मीठा करवाया।




