August 8, 2026 2:29 am

कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा एक दिवसीय एग्रो क्लाइमेटिक किसान मेले का आयोजन

किसानों ने बढ़ चढ़कर की सहभागिता 

मलिहाबाद लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में में आज बुधवार दिनांक 21 जनवरी 2026 को कृषि सूचना तंत्र के सुदृढ़ीकरण एवं कृषक जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत एक दिवसीय एग्रो क्लाइमेटिक किसान मेला एवं परंपरागत कृषि विकास योजनान्तर्गत जनपद स्तरीय एक दिवसीय किसान मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती जय देवी मा० विधायक विधानसभा क्षेत्र मलिहाबाद लखनऊ एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ अजय कृष्ण संयुक्त कृषि निदेशक लखनऊ मंडल लखनऊ द्वारा की गई।

मुख्य अतिथि श्रीमती जय देवी विधायक विधानसभा क्षेत्र मलिहाबाद ने कृषकों को अपने खेतों में अधिक से अधिक अच्छी तरह से सड़ी हुई गोबर की खाद एवं ढैंचा,उर्द व मूंग की हरी खाद के साथ अन्य जैविक खादों का प्रयोग कर परंपरागत /जैविक खेती को पुनः अपनाने पर जोर दिया गया। ऐसा करने से ही हम सब बेहतर स्वस्थ जीवन जी सकेगें।कार्यक्रम में डॉ अनिल कुमार दुबे अध्यक्ष, केंद्रीय मृदा लवणता अनुसंधान संस्थान लखनऊ द्वारा कृषकों को सामान्य एवं ऊसर भूमियों में फसल एवं फलदार पेड़ों की पौध रोपण कर अच्छे प्रबंधन से अपनी आमदनी को कैसे बढ़ाया जा सके।के बारे में बताया गया। आई आई एस आर, लखनऊ के निदेशक डॉ दिनेश सिंह द्वारा कृषि विविधीकरण व गन्ने में सह फसली खेती से कैसे अधिक आमदनी ली जा सकती है हेतु कृषकों को प्रेरित किया गया।

उप कृषि निदेशक लखनऊ विनय कुमार कौशल द्वारा कृषि विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं के बारे में विस्तृत चर्चा दी गई। डॉ अजय कृष्ण द्वारा उपस्थित कृषकों को कार्यक्रम में लगाई गई प्रदर्शनी एवं वैज्ञानिकों व अधिकारियों द्वारा बताई जा रही कृषि तकनीकी को अपनाने पर बल दिया गया। साथ ही अपने उत्पादों में वैल्यू एडीशन कर कैसे अपनी आमदनी को और अधिक बढ़ा सकते हैं पर चर्चा की गई। डॉ.पी एस ओझा सलाहकार जैव विकास बोर्ड द्वारा उद्यमी कृषकों हेतु ऋण प्रबंधन पर चर्चा की गई। सी आई एस एच रहमान खेड़ा लखनऊ के प्रधान वैज्ञानिक सुशील कुमार शुक्ला के द्वारा कृषकों को देसी बीज व परंपरागत खेती को अपनाकर उनके उत्पादों के मूल्य संवर्धन एवं विपणन पर विस्तार से चर्चा की गई।

डॉ संजय अरोड़ा प्रधान वैज्ञानिक द्वारा समान्य एवं उसर मृदाओं का उचित प्रबंधन करने से अधिक उत्पादन कैसे लिया जाए पर चर्चा की गई।डॉ अनूप कुमार दीक्षित प्रधान वैज्ञानिक सी एस एस आर आई द्वारा हो रहे जलवायु परिवर्तन के अनुसार रबी एवं जायद फसलों की समसामयिक जानकारी दी गई। डॉ सी एल वर्मा द्वारा समेकित कृषि प्रणाली के अंतर्गत मत्स्य पालन व अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। परंपरागत कृषि विकास योजना के अंतर्गत कृष्ण मोहन परियोजना समन्वयक द्वारा योजना से संबंधित जानकारी दी गई। निराला हर्बल फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के निदेशक हेमंत निराला द्वारा कृषकों को एफ पी ओ के माध्यम से कैसे लाभ पहुंचाया जा रहा है पर विस्तार से चर्चा की। कार्यक्रम में डॉ ए के दुबे अध्यक्ष कृषि विज्ञान केंद्र,लखनऊ द्वारा कृषि को कम लागत में अधिक उत्पादन कर कैसे लाभकारी बनाया जाए पर चर्चा की गई।

डॉ. अजय राय प्रधान वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र लखनऊ द्वारा रबी फसलों में लगने वाले कीट/रोग व्याधियों की रोकथाम हेतु उपाय बताए गए। निदेशक सीमा रहमान खेड़ा लखनऊ आरके सिंह द्वारा कार्यक्रम में प्रतिभाग किया गया।कृषि विभाग के अधिकारी , कार्मिकों एवं जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आए 480 महिला व पुरुष कृषकों द्वारा मेले में प्रतिभाग किया गया। किसान मेला/ प्रदर्शनी में सरकारी /गैर सरकारी विभागों संस्थाओं व एफ पी ओ,फसल बीमा आदि की कुल 16 स्टॉल भी लगायी गई । कृषकों द्वारा स्टालों पर कृषि से संबंधित कृषि निवेश भी क्रय किए गए। अंत में सलाहकार सुरेश कुमार राजपूत द्वारा कार्यक्रम में आए कृषकों ,अधिकारियों एवं वैज्ञानिकों का आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समापन की घोषणा की गई।

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