लखनऊ। केन्द्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत केन्द्रीय बजट 2026 में शिक्षा क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता प्रदान की गई है। शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न दूरदर्शी घोषणाओं का केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने स्वागत करते हुए इसे उच्च शिक्षा, भारतीय ज्ञान परम्परा तथा राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक सशक्त और समन्वित पहल बताया है।
बजट 2026 में शिक्षा, सशक्तिकरण एवं उद्यमिता हेतु उच्चस्तरीय समिति के गठन, भारतीय ज्ञान परम्परा को सुदृढ़ करने तथा विश्वविद्यालय आधारित समग्र शैक्षणिक विकास और विश्वविद्यालय उपनगर (यूनिवर्सिटी टाउनशिप) की परिकल्पना को केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में दूरगामी एवं राष्ट्रोन्मुख कदम बताया है। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने कहा कि भारत के यशश्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन में तथा केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान के कुशल नेतृत्व में बजट में शिक्षा को ज्ञान, कौशल, नवाचार और उद्यमिता से जोड़कर राष्ट्र निर्माण का प्रभावी माध्यम बनाने की स्पष्ट दृष्टि परिलक्षित होंगी। शिक्षा,सशक्तिकरण एवं उद्यमिता पर गठित उच्चस्तरीय समिति से देश की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा, गुणवत्ता और व्यावहारिक दृष्टिकोण प्राप्त होगा। प्रो. वरखेड़ी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा को राष्ट्रीय शिक्षा व्यवस्था के केन्द्र में स्थापित करने का निर्णय भारत की प्राचीन एवं समृद्ध बौद्धिक विरासत के संरक्षण, संवर्धन और वैश्विक प्रतिष्ठा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। संस्कृत, योग, आयुर्वेद, दर्शन, गणित, खगोल विज्ञान तथा भारतीय भाषाओं में निहित ज्ञान को समकालीन अनुसन्धान, नवाचार और आधुनिक संदर्भो से जोड़कर वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया जा सकेगा। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय इस लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरन्तर और प्रतिबद्ध प्रयास कर रहा है। विश्वविद्यालय आधारित समग्र शैक्षणिक विकास की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए कुलपति प्रो. वरखेड़ी ने कहा कि इससे उच्च शिक्षा संस्थान केवल शिक्षण केन्द्र न रहकर अध्ययन, अनुसन्धान, नवाचार, उद्यमिता, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक सहभागिता के समन्वित केन्द्र के रूप में भी विकसित होंगे, जिससे एक सशक्त और समग्र शैक्षणिक वातावरण का निर्माण होगा। उन्होंने बजट में प्रस्तावित विश्वविद्यालय उपनगर (यूनिवर्सिटी टाउनशिप) की अवधारणा को उच्च शिक्षा के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इससे विश्वविद्यालयों के आसपास शैक्षणिक, आवासीय, शोध, नवाचार, स्टार्ट-अप, सांस्कृतिक एवं सामाजिक अवसंरचना का समग्र विकास होगा। यह व्यवस्था विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए अनुकूल, सुरक्षित और प्रेरक वातावरण तैयार करेगी, जिससे शिक्षा और समाज के बीच गहरा सम्बन्ध स्थापित होगा।
प्रो. वरखेड़ी ने विश्वास व्यक्त किया कि केन्द्रीय बजट 2026 शिक्षा को आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण का सशक्त आधार बनाएगा तथा भारतीय ज्ञान परम्परा के वैश्विक पुनरुत्थान में मील का पत्थर साबित होगा।




