August 8, 2026 2:11 am

केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर में ‘छात्रावास दिवस’ का भव्य आयोजन: सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

लखनऊ। (संवाददाता) केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर में सत्र 2025-26 के अंतर्गत छात्रावास दिवस का आयोजन दिनांक 30-31 मार्च, 2025 को किया जा रहा है। इस अवसर 30 मार्च को परिसर के सभा कक्ष में विभिन्न सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं मनोरंजक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें परिसरीय छात्र-छात्राओं के द्वारा एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक एवं लौकिक मंगलाचरण से हुआ, जिसे धृति त्रिवेदी, सुमेधा आर्या तथा छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया। इसके पश्चात सरस्वती वंदना हरिओम, अभिषेक, योगेश, शालिनी शुक्ला एवं विदुषी द्वारा प्रस्तुत की गई।

कार्यक्रम में कुलगीत एवं वन्दे मातरम् की प्रस्तुति श्री मुकुल कुमार (रिकॉर्डिंग) के माध्यम से की गई। स्वागत गीत हरिओम, अभिषेक एवं योगेश द्वारा प्रस्तुत किया गया, जबकि स्वागत भाषण प्रो. धनिन्द्र कुमार झा द्वारा दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता परिसर निदेशक प्रो.सर्वनारायण झा ने की। अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रो. सर्वनारायण झा ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने संस्कार, संस्कृति एवं ज्ञान के माध्यम से समाज के उत्थान में योगदान देने हेतु प्रेरित किया तथा अनुशासन, परिश्रम और नैतिक मूल्यों के महत्व पर विशेष बल दिया। कार्यक्रम के अंतर्गत विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आकर्षण का केंद्र रहीं। एकल नृत्य (बंगाली) प्रतीक्षा सरकार द्वारा तथा सामूहिक नृत्य (उड़िया) अंजलि बहरा, अंजलि, दीक्षा एवं सोनाली द्वारा प्रस्तुत किया गया। सामूहिक गीत (दशावतार) छात्राओं द्वारा प्रस्तुत हुआ। शास्त्रार्थ (व्याकरण) में उज्ज्वल पाण्डेय एवं शिखर आनंदी ने सहभागिता की। कथक नृत्य आनंदी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जबकि शिव स्तुति रुचि, ईशिता, कशिश एवं वैष्णवी समीक्षा द्वारा प्रस्तुत की गई। हिमाचली, कुमाऊँनी एवं बिहारी लोकनृत्यों की मनोहारी प्रस्तुतियाँ समीक्षा, उत्कर्ष द्विवेदी, अंजलि पराशरी, सोनम कुमारी, श्रेया तिवारी, कशिश राज, भावना कुमारी एवं कोमल कुमारी द्वारा दी गईं। कविता पाठ खुशी पाण्डेय द्वारा तथा सामूहिक संस्कृत गीत श्रेया चौरसिया, अनुश्रीया, दीक्षा, निर्मला, साक्षी एवं कोमल द्वारा प्रस्तुत किया गया। तोहरी नृत्य प्रेरणा एवं प्रतीक्षा द्वारा प्रस्तुत किया गया।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन डॉ. कविता विसारिया द्वारा किया गया तथा राष्ट्रगान के साथ समारोह सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का सफल संचालन श्रेया पाण्डेय एवं निहारिका दूबे ने किया। कार्यक्रम में परिसर के प्राध्यापक, कर्मचारी गण एवं समस्त शोध छात्र तथा छात्र/छात्राएं उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों की प्रतिभा, सांस्कृतिक विविधता एवं समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।

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