कहीं पर मामूली विवाद में खूनी खेल तो कहीं पर डिप्रेशन के कारण काल बन रहे लाइसेंसी असलहे
चिनहट क्षेत्र में हुई घटना ने एक बार फिर पुराने जख्मों को किया ताजा
ए अहमद सौदागर लखनऊ। राजधानी में असलहों का जखीरा है। यह असलहे अवैध नहीं हैं, बल्कि शासन-प्रशासन द्वारा सुरक्षा के नाम पर लाइसेंस के साथ रखे गए हैं। खुद की जान का खतरा सहित तमाम वजह बताकर हासिल किए जाने वाले असलहे अब मामूली विवाद में एक-दूसरे की जान के दुश्मन बन रहे हैं, जबकि डिप्रेशन या फिर कोई और वजह को लेकर खुद को गोली मारकर अपनी जीवन लीला हमेशा के लिए समाप्त कर ले रहे हैं। हालांकि कुछ समय पहले से अदालत के आदेश के बाद शस्त्र लाइसेंस जारी करने में प्रशासन ने फिलहाल सतर्कता बरतना शुरू कर दिया है।
राजधानी में हैं पचास हजार के करीब असलहे
आंकड़ों पर गौर करें तो राजधानी लखनऊ में करीब पचास हजार से अधिक शस्त्र लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। वहीं पचास-साठ हजार शस्त्र लाइसेंस के आवेदन फार्म प्रक्रिया में चल रहे हैं। जानकार बताते हैं कि भले ही कुछ लोग शस्त्र लाइसेंस बनवाने के लिए दस्तावेज संबंधित विभाग में जमा कर रखा हो, लेकिन शासन-प्रशासन शस्त्र लाइसेंस जारी करने के लिए चुप्पी साधे हुए है। साफ है कि यही वैध शस्त्र लाइसेंस कभी न कभी किसी के लिए या फिर खुद के लिए खतरा बन सामने आते हैं।
चिनहट थाना क्षेत्र के हिम सिटी कॉलोनी में रहने वाले आजमगढ़ निवासी जफर आजम ने रविवार को लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मारकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।
यही नहीं गौर करें तो इससे पहले राजधानी के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मामूली कहासुनी के बाद एक-दूसरे पर लाइसेंसी असलहे जमकर गरज चुके हैं।
लाइसेंसी असलहे से कहीं पर घर का कोई सदस्य या फिर लाइसेंसी धारक ने डिप्रेशन या फिर कोई और वजह को लेकर अपने सीने या कनपटी पर गोली मारकर मौत को गले लगा लिया।
हिम सिटी कॉलोनी में हुई घटना ने फिलहाल एक बार फिर पुराने जख्मों को ताजा कर दिया।
वहीं गौर करें तो मामूली कहासुनी या उपद्रव के दौरान भी कई बार गोलीबारी की बात सामने आ चुकी हैं। हालांकि लाइसेंसी असलहे खुद की सुरक्षा के लिए होता है, लेकिन कुछ लोग जज़्बात में आकर अपनी जिंदगी से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहे हैं। पुलिस के आलाधिकारी बार-बार अपील करते हैं कि जिस शख्स ने शस्त्र लाइसेंस बनवा रखा है वह सावधानी बरतें, लेकिन इसके बावजूद भी भी कुछ लोग अपनी ही बंदूक की गोली से निशाना बन चुकें हैं।
किसी ने कारोबारी को लेकर तो किसी ने घरेलू कलह के चलते गोली मारकर मौत को गले लगाकर परिवार को हमेशा के लिए मानो एक टीस दे दिया।




