अग्नि सुरक्षा को लेकर खिलवाड़, इससे पहले भी हुई घटनाओं में खुली थी संबंधित विभाग की पोल
अलीगंज क्षेत्र में हुई घटना से दहला इलाका, घटनास्थल पर कई लाशें देख मचा कोहराम
ए अहमद सौदागर लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया चौराहे के पास स्थित एक तीन मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर एनीमेशन नाम से संचालित कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग में झुलसकर पन्द्रह बच्चों की हुई मौत ने मानो मानकों की अनदेखी की पोल खोल दी। भीषण अग्निकांड के बाद राजधानी लखनऊ में चल रहे कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। इस गंभीर वारदात ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया और कई लाशें देख लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। वहां का मंजर देख खुद को जिगर बाज कहे जाने वाले डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी आंसू नहीं रोक पाए।
जानकार बताते हैं कि बिना एनओसी के ही कोचिंग सेंटर चल रहा था। हालांकि कि पुलिस के जिम्मेदार अफसर इसकी गहनता से जांच पड़ताल करने की बात कह रहे हैं।
गौर करें तो पुलिस के आलाधिकारी और संबंधित विभाग के अफसर भले ही बड़े-बड़े दावे कर रहे हों लेकिन कड़वा सच यह है हादसे के बाद ही अफसरों की नींद टूटती है।
इस घटना में मरने वालों की संख्या पर नजर डालें तो सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुछा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज शाह, भाईजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार व सुमल्या शामिल हैं। जबकि जयंत, लवप्रीत, मोहम्मद आसिफ, भुवन श्रीवास्तव, पंकज, शैलेन्द्र , अभिषेक , पंकज जोशी व गौरव कुमार सहित कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
इससे पहले भी कई जगहों पर लग चुकी हैं भीषण आग
19 जून 2018- चारबाग के एसएसजे इंटरनेशनल व विराट होटल में आग लगी थी, सात लोगों की मौत हुई थी।
पांच सितंबर 2022- हजरतगंज स्थित होटल लेवाना इन में आग लगी, चार लोगों की मौत हुई थी।
आठ जुलाई 2024- होटल राज में आग लगी।
18 मई 2025- चारबाग स्थित मोहन होटल में लगी आग।
यह तो महज बानगी भर है और भी कई होटलों एवं अन्य संस्थानों में भीषण आग लग चुकी है।




