August 8, 2026 2:27 am

खाद्य प्रसंस्करण के कार्यो हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराये जांय

न्यूज ऑफ इंडिया ( एजेंसी) लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम मे अपर मुख्य सचिव, उद्यान, खाद्य प्रसंस्करण एवं रेशम विभाग, उत्तर प्रदेश शासन बी एल मीणा की अध्यक्षता में मंगलवार को फील्ड के विभागीय अधिकारियो की एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन वर्चुवल रूप से किया किया गया।

वर्चुवल बैठक में निदेशक, खाद्य प्रसंस्करण, उत्तर प्रदेश, उप निदेशक, श्रीमती गीता व महिपाल, मुख्य वित्त एवं लेखाधिकारी,श्रीमती कंचन भारती, सलाहकार डा० अरविन्द्र कुमार सिंह, , निदेशक, आर फ्रैक एवं निदेशालय के अन्य अधिकारियों के साथ-साथ फील्ड में कार्यरत खाद्य प्रसंस्करण के अधिकारियों/कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया ।

बताया गया खाद्य प्रसंस्करण प्रशिक्षण केन्द्रों को पूर्व में क्रमशः रूपये 15 लाख एवं 05 लाख की धनराशि पालसी-2023 में निर्गत की गयी है,उससे संबन्धित कार्य कराने हेतु प्रस्ताव उपलब्ध कराये जाने के निर्देश अपर मुख्य सचिव द्वारा दिये गये। निर्देश दिये गये कि

विभाग के सभी अधिकारियों के दस-दस के बैच बना करके मुख्यालय पर एक माह में प्रशिक्षण प्रदान किया जाय तथा आगामी बजट में सीआईसी एवं फल संरक्षण अनुरक्षण केन्द्रों के रख रखाव का प्रस्ताव दिया जाय। श्री मीणा ने विभागीय कार्यो की गति बढ़ाने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये गये।

अपर मुख्य सचिव, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण, उ0प्र0 शासन बी एल मीणा की अध्यक्षता में बुधवार को जनपद आगरा, अमरोहा, बरेली, फतेहपुर, गोरखपुर, झांसी, कानपुर देहात, कुशीनगर, लखनऊ, पीलीभीत, रायबरेली, रामपुर, सुलतानपुर के मुख्य विकास अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत एवं उद्यमी मित्रों के साथ हुयी वर्चुवल बैठक मे उ0प्र0 खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 अंतर्गत स्थापित इकाईयों को फैक्ट्री/प्लान मैप पर संक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रमाण पत्र में बिलम्बित होने के संबन्ध में निर्देशित किया गया कि समस्त उद्यमी एवं अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत अपने जनपद में स्थापित ऐसी इकाईयां जिनकी इकाई का प्लान मैप सक्षम स्तर से प्रमाणित/स्वीकृत नहीं है,का स्थलीय भ्रमण करते हुए समस्त औपचारिकतायें पूर्ण कराते हुए मुख्य विकास अधिकारी को संज्ञानित कराया जाय। यदि प्रश्नगत प्रकरण जिला पंचायत से संबन्धित नहीं है, तो संबन्धित विभाग से संमन्वय कर निस्तारण करवाया जाय। यदि मुख्य विकास अधिकारी के संज्ञान में आता है कि किसी इकाई पर कतिपय अति आवश्यक निर्माण कार्य/आदि अपूर्ण है, तो संबन्धित निवेशक को कॉल कर अबिलम्ब पूर्ण कराए जाने हेतु निर्देशित किया जाय। समस्त मुख्य विकास अधिकारियों से यह भी अपेक्षा की गयी जनपद में फल, सब्जी, ग्रेन्स के उत्पादन के दृष्टिगत निवेशकों/स्टार्ट-अप को उ0प्र0 खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 अंतर्गत आवेदन हेतु प्रेरित किया जाय।

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