न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी) लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के अंतर्गत स्थापित किये गये कामन इनक्यूबेशन सेंटरों को सुव्यवस्थित व सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में खाद्य प्रसंस्करण विभाग उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने आई०आई०टी०, तिरूपति, आन्ध्रप्रदेश में स्थापित कॉमन इन्क्यूबेशन सेन्टर का भ्रमण/अध्ययन वहां के वैज्ञानिकों व विशेषज्ञों के साथ पिछले दिनों किया गया
निरीक्षणकर्ता अधिकारियों की टीम में उत्तर प्रदेश से डॉ० विजय बहादुर द्विवेदी, निदेशक, उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग,डॉ0 एस0के0 चौहान, उप निदेशक (खा०प्र०), उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग,व श्री अश्वनी कुमार, खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी (मु०), निदेशालय, लखनऊ मौजूद रहे । उनके साथ तिरूपति आन्ध्र प्रदेश के प्रतिनिधियों
सुनील, वैज्ञानिक, आई०आई०टी०, तिरूपति, मल्लिकार्जुन, जे०टी०एस०, आई०आई०टी०, तिरूपति, विवेक गुप्ता, पी०एच०डी० रिसर्च स्कालर (पी.एम.आर.एफ.) डिपार्टमेण्ट ऑफ केमिकल इन्जीनियरिंग, आई०आई०टी०, तिरूपति,
एस० राजेन्द्र नाथ रेड्डी, ओ० एण्ड एम० ऑपरेटर, रेनुका बायो फार्म्स एल०एल०पी०, तिरूपति व श्री सुब्रह्मण्यम, प्लान्ट इंजीनियर, सी०आई०सी०, आई०आई०टी०, तिरूपति मौजूद रहे। निरीक्षण/अध्ययन के दौरान टीम ने
प्रोसेसिंग लाईन जैसे – टमाटर प्रसंस्करणः उत्पाद टमाटर प्यूरी, टोमेटो सॉस, टोमेटो जूस एवं टोमेटो पल्प, आम प्रसंस्करणः उत्पाद आम का जूस, आम का पल्प, आम पापड़ एवं आम का अचार, सिट्रस फ्रूट प्रसंस्करणः अचार, जूस एवं कन्सन्ट्रेट्सन के अलावा इन्क्यूबेशन सेन्टर पर स्थापित मशीनों का विवरण की जानकारी हासिल की गयी। कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर के संचालन की चुनौतियों के बारे में भी जानकारी की गयी। अध्ययन में इस बात पर विशेष रूप से फोकस किया गया कि उत्तर प्रदेश में किस प्रकार से स्वयं सहायता समूहों की दीदियों की आमदनी बढ़ाने के लिए कामन इनक्यूबेशन सेंटरों को बहुउपयोगी बानाया जाय।उसी माडल पर यहां काम करने पर विचार किया जा रहा है। निरीक्षण/अध्ययन रिपोर्ट टीम द्वारा अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण एवं रेशम विभाग बी एल मीणा के समक्ष प्रस्तुत कर दी गयी है




