औरास, उन्नाव। (संवाददाता) जनपद के औरास ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत मुस्लावा में इन दिनों आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि ग्रामीणों का घर से निकलना दूभर हो गया है। खूंखार हो चुके ये कुत्ते न केवल मवेशियों को अपना शिकार बना रहे हैं, बल्कि अब मासूम बच्चों और बुजुर्गों पर भी हमलावर हो रहे हैं। शनिवार को गांव के निवासी मुन्ना अली की बकरी पर आवारा कुत्तों के झुंड ने अचानक हमला कर दिया।
जब तक ग्रामीण कुछ समझ पाते, कुत्तों ने बकरी को बुरी तरह नोच कर मार डाला। ग्रामीणों के मुताबिक, यह कोई पहली घटना नहीं है; इससे पहले भी गांव के कई अन्य लोगों की बकरियों और पालतू जानवरों को ये कुत्ते शिकार बना चुके हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या के पीछे की मुख्य वजह पास का जंगल है, जहां कुछ लोग मृत जानवरों के शवों को खुले में डाल देते हैं। इन शवों को खाने के चक्कर में वहां भारी संख्या में कुत्ते जमा हो गए हैं। मांस खाने के आदी हो चुके ये कुत्ते अब इतने हिंसक हो गए हैं कि वे गांव की बस्तियों में घुसकर इंसानों और पालतू जानवरों को निशाना बना रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कुत्तों के बढ़ते आतंक के कारण अब लोग अपने बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजने में डर रहे हैं। राह चलते बुजुर्गों पर भी ये कुत्ते कई बार झपट चुके हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि जंगल के पास मृत जानवरों को फेंकने पर रोक लगाई जाए और खूंखार हो चुके कुत्तों को पकड़ में उठाए जाएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो किसी बड़ी जनहानि से इनकार नहीं किया जा सकता।
इस समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने एकजुट होकर काम करने का फैसला किया है, और वे प्रशासन से भी सहयोग की अपेक्षा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे, और यदि आवश्यक हुआ तो वे आंदोलन भी करेंगे।




