August 8, 2026 2:15 am

खूंखार कुत्तों का आतंक: मुस्लावा गांव के पास राहगीरों के लिए ‘काल’ बने आवारा कुत्ते

ग्रामीणों और मवेशियों को बना रहे निशाना

औरस (उन्नाव)। (संवाददाता) स्थानीय क्षेत्र के मुस्लावा गांव से चंद कदमों की दूरी पर स्थित बबूल के जंगल में खूंखार कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि वह अब राहगीरों और ग्रामीणों के लिए ‘काल’ बन चुके हैं। आए दिन होने वाले हमलों से इलाके में दहशत का माहौल है और लोग उस मार्ग से गुजरने में कतराने लगे हैं।

मरे जानवर फेंकने से बढ़ा कुत्तों का जमावड़ा स्थानीय ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, पास के ही मवाई कला गांव के कुछ लोग मृत पशुओं (मरे हुए जानवरों) को सड़क के किनारे इसी बबूल के जंगल में फेंक देते हैं। इस वजह से यहाँ भारी संख्या में आवारा और खूंखार कुत्तों का जमावड़ा लग गया है। मांस खाने के आदी हो चुके ये कुत्ते अब बेहद हिंसक हो चुके हैं और सामने से गुजरने वाले हर व्यक्ति पर हमला करने दौड़ते हैं।

मुस्लावा गांव के निवासियों ने बताया कि ये खूंखार कुत्ते कई बार गांव के भीतर तक घुस आते हैं। अब तक कई बार ग्रामीणों की बकरियों को ये कुत्ते अपना निशाना बनाकर मार चुके हैं, जिससे पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। गांव के बच्चों और बुजुर्गों का घर से बाहर निकलना भी अब खतरे से खाली नहीं रह गया है।

स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले को गंभीरता से ले। मवाई कला के लोगों द्वारा सड़क किनारे मृत जानवर फेंकने पर तत्काल रोक लगाई जाए और इन आदमखोर हो चुके कुत्तों को पकड़वाने की व्यवस्था की जाए, ताकि कोई बड़ी अप्रिय घटना होने से रोकी जा सके।

 

63
Default choosing

Did you like our plugin?

error: Content is protected !!