इससे पहले भी तीन थाना क्षेत्रों में टुकड़ों में काट फेंकी गई लाश मिल चुकी हैं
ए अहमद सौदागर लखनऊ। दो फरवरी 2015- अमीनाबाद निवासी एलएलबी की छात्रा 20 वर्षीय गोरी की दो टुकड़ों में हत्या कर फेंकी गई लाश वृन्दावन क्षेत्र में मिली थी।
23 मार्च 2019- कृष्णानगर इलाके के डॉ राममनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय की पार्किंग के सामने बेंच पर एक लावारिस बैग में महिला का पांच टुकड़ों में फेंकी गई लाश मिली थी।
चार दिसंबर 2015- मड़ियांव थाना क्षेत्र के आईआईएम रोड पर करीब एक किलोमीटर के दायरे में तीन जगहों पर चार पैर व युवतियों के दो धड़ मिले थे।
23 फरवरी 2026- आशियाना क्षेत्र के सेक्टर एल निवासी 49 वर्षीय मानवेंद्र सिंह की गोली मारकर मौत की नींद सुलाने के बाद उनके बिगड़ैल सपूत अक्षत प्रताप सिंह ने शरीर के टुकड़े कर कुछ हिस्सों को जंगल में फेंक दिया और बाकी धड़ को ड्रम में छिपा दिया था।
राजधानी लखनऊ में हुई ये चार सनसनीखेज घटनाओं ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। बीते दिनों हुई तीन वारदातों का मामला शांत भी नहीं पड़ा था कि कलयुगी बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने मानों सलीम और शबनम की तरह बेरहमी का का परिचय देते हुए पिता को अपने ही हाथों से ही काट कर रिश्ते को शर्मसार कर दिया।
इन घटनाओं की खबर मिलते ही लोगों को अपनों से डर सताने लगा है कि कहीं उनका भी लाडला गलत संगत में न पड़ जाए और वह अक्षत की तरह हैवान न बन जाए।




