यह सवाल फिलहाल हर किसी को बेचैन कर रहा है
दिव्या मिश्रा की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने उठाया सवाल तो पुलिस महकमे में मचा हड़कंप
मिठाई वाला चौराहा व हुसड़िया चौराहे पर हुई घटना का मामला
ए अहमद सौदागर लखनऊ। गोमतीनगर जैसे भीड़भाड़ वाले पाश इलाके में बीस अगस्त 2026 को दिनदहाड़े हुई हत्या और खुदकुशी के मामले में भले ही पुलिस के आलाधिकारी तरह-तरह के बयान दे रहे हों, लेकिन कड़वा सच यह है कि एक बार फिर पुलिस की नीयत शक के दायरे में है।
वजह है कि गोमतीनगर कांड को लेकर चल रही जांच में यह बात सामने आई है कि बैंक अधिकारी दिव्या मिश्रा उसकी ननद तूलिका की गोली मारकर हत्या और बैंक अफसर मानस वाजपेई द्वारा किए गए खुदकुशी कांड में आटो रिक्शा में बैठ कर कमर में तीन अवैध असलहा लेकर मानस बेफिक्र होकर गया और पत्नी के ऊपर ताबड़तोड़ गोलियों की बौछार कर मौत की नींद सुलाने के बाद कुछ मिनट में अपनी बहन तूलिका की हत्या कर खुद को गोली मारकर जान दी। सवाल है कि एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन लोगों को देखते ही पुलिस उनपर झपट पड़ती, लेकिन तीन अवैध असलहा लेकर घूमने वाले मानस और आटो रिक्शा की चेकिंग करना गंवारा नहीं समझा, नतीजतन बेखौफ मानस घटना को अंजाम देकर पुलिस सुरक्षा की पोल खोल दी।
अब यही पुलिस अपनी नाकामी पर पर्दा डालने के लिए हर जतन करने में जुट गई है।
सनद रहे कि 20 अगस्त 2026 यानी गुरुवार को दोपहर भीड़भाड़ वाले पाश इलाके गोमतीनगर में उस समय अचानक सनसनी फैल गई जब बैंक अधिकारी मानस वाजपेई ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में लेखाकार के पद कार्यरत अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा की गोली मारकर हत्या करने के कुछ देर बाद अपनी बहन तूलिका की जान लेने के बाद खुद को गोली से उड़ाकर मौत को गले लगा लिया था।
इस घटना की जानकारी पुलिस को उस समय लगी जब महिला पत्रकार प्रज्ञा मिश्रा ने पुलिस अफसरों को दी कि मेरी बहन की हत्या कर दी गई है।
तब जाकर पुलिस कमिश्नर तरूण गाबा, संयुक्त पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था बबलू कुमार, डीसीपी पूर्वी डॉ दीक्षा शर्मा सहित कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की छानबीन शुरू की।
पुलिस की जांच पड़ताल में सामने आया कि मानस वाजपेई ने घटना के दिन आटो चालक प्रमोद कुमार को कई बार फोन किया था। हल्का सा सबूत हाथ लगते ही पुलिस आटो चालक प्रमोद को हिरासत में लेकर पूछताछ की फिर छोड़ दी। बताया जा रहा है कि जैसे ही मृतका की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने अपने फेसबुक एकाउंट के जरिए सवाल उठाते हुए कहा कि कातिल मानस वाजपेई के पास अवैध असलहा कहां से आया और किस शख्स ने असलहा मुहैया कराया यह खबर लगते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच और दोबारा आटो चालक प्रमोद से पूछताछ करने की तैयारी में जुट गई। हालांकि दिव्या मिश्रा की काल डिटेल को भी पुलिस ने गहनता से खंगाला, लेकिन मानस की बात सबसे अधिक आटो चालक प्रमोद से होना पाया गया।
दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिए जब कई सवाल उठाए तो मानो पुलिस अधिकारियों की बेचैनी बढ़ गई और आनन-फानन में एक बार फिर पुलिस तह तक पहुंचने के लिए कई बिंदुओं पर पड़ताल शुरू कर दी है।





