August 8, 2026 2:10 am

गोमतीनगर विस्तार: वीडियो कॉल कर युवती ने लगाई फांसी 

कमरे से मिला मोबाइल फोन, छह लोगों को ठहराया अपनी मौत का जिम्मेदार 

पुलिस मामले की छानबीन में जुटी, शालीमार वन वर्ल्ड टावर फ्लैट नंबर 804 में हुई घटना का मामला 

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र के शालीमार वन वर्ल्ड टावर सी वन फ्लैट में रहने वाली 32 वर्षीय रतना सिंह ने खुदकुशी कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। मंगलवार को उसका शव कमरे में लगे पंखे के कुंडे में दुपट्टे के सहारे लटकता मिला। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस मामले की छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस को मृतका के पास से एक एप्पल मोबाइल फोन मिला है। बताया जा रहा है कि रतना सिंह ने जान देने से पहले एक युवती सहित छह लोगों वीडियो कॉल कर अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि पुलिस इस मामले में अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।

पुलिस के मुताबिक इस मामले की जानकारी घरवालों को दे दी गई है।

मूल रूप से गोरखपुर जिले के कैंट थाना क्षेत्र स्थित बिछिया निवासी सुधीर सिंह की 32 वर्षीय बेटी रतना सिंह गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र के शालीमार वन वर्ल्ड टावर सी वन फ्लैट में अकेले रहती थी। रतना सिंह मानसून सैलून में बतौर मैनेजर के पद पर कार्यरत थी।

बताया जा रहा है कि मंगलवार को कमरे से बाहर न निकलने पर पड़ोस में फ्लैट नंबर 804 में रहने वाली एक महिला कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन भीतर से कोई आहट न मिलने पर इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस आसपास में रहने वाले लोगों तथा सुरक्षा गार्डों की मदद से दरवाजा तोड़कर कमरे में दाखिल हुई तो देखा कि रतना सिंह का शव पंखे के कुंडे में दुपट्टे के सहारे लटक रहा था। पुलिस के मुताबिक मृतका के पास से एप्पल मोबाइल फोन मिला है। वहीं जानकार बताते हैं कि रतना सिंह ने जान देने से पहले शरद सिंह, पल्लवी जोशी सहित आधा दर्जन लोगों के मोबाइल फोन वीडियो कॉल कर खुदकुशी कर ली। हालांकि पुलिस इस मामले अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है।

मोबाइल फोन में छिपा मौत का राज, सिमट कर रह गईं हसरतें

गोमतीनगर विस्तार क्षेत्र स्थित मानसून सैलून में बतौर मैनेजर के पद पर कार्यरत रतना सिंह करीब तीन सौ किलोमीटर दूर गोरखपुर से आकर हंसी-खुशी के साथ शालीमार वन वर्ल्ड टावर फ्लैट में रहती थी। वह कुछ कर कामयाबी के शिखर की हसरतें समेटे हुए थी। वह बतौर मैनेजर के पद पर नौकरी कर अपने पर खोल लिए थी और वह अपने पैरों पर खड़े होकर कामयाबी के आसमान को नाप लेना चाहती थी, लेकिन शायद नियति को मंजूर न था। कमरे से बरामद मोबाइल फोन इस बात की साफ गवाही दे रही है कि कहीं न कहीं मोबाइल फोन में ऐसा राज छिपा है, जिसको लेकर वह बर्दाश्त नहीं कर सकी और हमेशा के लिए अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

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