मलिहाबाद लखनऊ। अभिनव प्रभात न्यूज़ संवाददाता राजधानी लखनऊ के मलिहाबाद क्षेत्र में हर साल की भांति इस साल भी बेतवा नाले में पानी छोड़े जाने की मांग ग्रामीणों बागवानो जनप्रतिनिधियों ने सहित सिंचाई विभाग के अधिकारियों से की है ताकि इस समय बोई गई फसलों सहित आम के बागों की सिंचाई सहित पशु पक्षियों को पीने का पानी आसानी से उपलब्ध हो सके ज्ञात हो कि हर साल सिंचाई विभाग बेतवा नाले में गर्मी के समय ग्रामीणों बागवानो की मांग पर पानी छोड़ दिया करते थे।
जिससे रूसेना झाउबेरिया शाहीखेडा सहिजना जालामऊ मुंशी खेड़ा तरौना रहीमाबाद बाकीनगर दौलतपुर भटपुरवा तिरगवा गदिया खेड़ा कुढली टिकरा नसीरपुर नमैचा कटरा गौदामुअजजम नगर खड़ौआ सहित आम पट्टी क्षेत्र मलिहाबाद के सैकड़ों गांवों के लोग पंपिंग सेट के माध्यम से अपने बागों की सिंचाई सहित इस समय बोई जाने वाली मक्का ज्वार बाजरा मूंग उरद की सिंचाई कर लेते थे। इसके अलावा पशुओं को पीने का पानी मिल जाता था परन्तु इस साल भीषण गर्मी के बीच यह बेतवा नाले सूखा पड़ा है। जिसमें इस नाले के आस पास के बागवान व किसान नाले में पानी आने की आश लगाए बैठे हैं ताकि पानी आने पर अपने बागों व बोई गई फसलों की सिंचाई कर सके।
हालांकि इस नाले के किनारे बागवान व किसान निजी टयूबवेलों से सिंचाई कर रहे हैं। निजी टयूबवेलों धारक बागवानों सहित किसानों से को ढाई सौ से लेकर तीन सौ रूपए प्रति घंटे की दर से किराया वसूल रहें हैं जिससे बागवानों सहित किसानों को काफी अपव्यय झेलना पड़ रहा हैग्रामीणों व बागवानो ने बेतवा नाले में पानी छोड़े जाने की मांग जनप्रतिनिधियों सहित नहर विभागीय अधिकारियों से की है ताकि पशु पक्षी सहित बेजुबान जानवरों को इस भीषण गर्मी में पीने का पानी सुगमता से मिलने के साथ साथ आम के बागों की सिंचाई सहित इस समय बोई गई फसलों को आसानी से सिंचाई हो सके।




