लखनऊ। चंदन हॉस्पिटल ने शिशु सर्जरी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यहाँ एक 21 दिन के नवजात शिशु का सफल इलाज किया गया, जो जटिल गुर्दा रुकावट (किडनी ऑब्स्ट्रक्शन) और एक जानलेवा संक्रमण से पीड़ित था। यह अत्याधुनिक और जटिल लेप्रोस्कोपिक पाइलोप्लास्टी सर्जरी प्रसिद्ध पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. सुनील कनौजिया के नेतृत्व में की गई। यह भारत में अब तक का सबसे कम उम्र का मामला है जिसमें किडनी में लेप्रोस्कोपी द्वारा Pelvi-Ureteric Junction Obstruction (PUJO) सर्जरी सफलतापूर्वक की गई हो। इससे पहले यह रिकॉर्ड हैदराबाद में 21 दिन के बच्चे की सर्जरी के नाम था।
यह नवजात शिशु जन्म से पूर्व ही ग्रॉस हाइड्रोनेफ्रोसिस (गंभीर किडनी सूजन, जिससे किडनी फेल हो सकती है) से पीड़ित पाया गया था, जो बाईं ओर के PUJO के कारण हुआ। पहले किसी अन्य अस्पताल में इलाज के दौरान 10वें दिन बच्चे की किडनी में एक अस्थायी नेफ्रोस्टॉमी ड्रेन डाली गई थी, जो सफल नहीं हुई। इस वजह से बच्चे को गंभीर संक्रमण हो गया और 20वें दिन उसे तुरंत चंदन हॉस्पिटल में डॉ. कनौजिया के पास रेफर किया गया।
डॉ.सुनील ने बच्चे की स्थिति का गहराई से मूल्यांकन कर तत्काल लेप्रोस्कोपिक पाइलोप्लास्टी की योजना बनाई। पूरी सर्जरी में कुल 2 घंटे 30 मिनट का समय लगा। सर्जरी पूर्ण रूप से सफल रही। बच्चे को अगले ही दिन दूध पिलाना शुरू कर दिया गया, लक्षणों में तेजी से सुधार देखा गया और मात्र चार दिन में उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।यह उपलब्धि न केवल चंदन हॉस्पिटल के लिए बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए गर्व की बात है।




