तीन आरोपित गिरफ्तार, तीसरा फरार, घटना में इस्तेमाल आला कत्ल बरामद
ए अहमद सौदागर लखनऊ। टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला ने जिन मित्रों अनस, आशू, प्रियांशु व अरबाज को ताना दिया था उन्हीं लोगों घर से बुलाकर बेरहमी से कत्ल कर दिया। चाकूओं के वार से रितेश चीखता रहा और कातिल सामने खड़े होकर उसकी मौत का इंतजार कर रहे थे। यह दिल दहलाने वाला खुलासा हुआ है।
हरदासी खेड़ा गांव के पास खाली पड़े मैदान में मंगलवार देर रात हुई 20 वर्षीय टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला की हत्या के मामले में डीसीपी पूर्वी की क्राइम टीम व इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा की संयुक्त टीम ने 24 घंटे में ही अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गुरुवार को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। हत्या में प्रयुक्त चाकू, कातिल की खून से सनी चप्पल व मृतक का मोबाइल भी बरामद कर ली है।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक चिनहट क्षेत्र के हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में मंगलवार देर रात टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला का खून से लथपथ शव मिला था। उसका गला काट कर हत्यारों ने मौत की नींद सुलाया था। पास में मिली बाइक उसकी पहचान हुई। पुलिस ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह की तहरीर पर उपरोक्त निवासी प्रियांशु गुप्ता के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया इस मामले में कातिलों की गर्दन तक पहुंचने के लिए इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र के साथ क्राइम व सर्विलांस टीम को लगाया गया था। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा और क्राइम व सर्विलांस टीम ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी प्रियांशु गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो बताया कि इस घटना को अंजाम अकेले नहीं चार लोगों ने मिलकर दिया था। यह सुनते ही पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का राजफाश कर अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। जबकि इस घटना में शामिल अरबाज खान अभी पुलिस की पकड़ से दूर है। इंस्पेक्टर के मुताबिक सभी आरोपित कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार हत्यारोपियों ने पूछताछ में बताया कि बीती दीपावली के दौरान मृतक रितेश सिंह और इन लोगों के बीच बम फोड़ने को लेकर कहासुनी हुई थी। इस मामले में हत्यारोपियों की तहरीर पर चिनहट कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। हत्यारों ने पुलिस को बताया कि कार्रवाई न होने पर मृतक रितेश आए दिन तंज कसता था कि हमारा कुछ नहीं कर पाए। यह बातें खल रही थी और योजना के तहत मंगलवार शाम करीब पांच बजे घर से बुलाकर कातिलों ने रितेश सिंह की हत्या कर भाग निकले थे।
बहाने से बुलाया था रितेश को
इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि यह लोग आपस में एक-दूसरे के मित्र हैं और मंगलवार को कॉल कर रितेश सिंह को बुलाया। कातिलों ने पुलिस को बताया कि हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में पहले से बैठे सभी आरोपी शराब पीने के बाद रितेश की गला काट कर निर्मम तरीके से हत्या किए जाने की बात स्वीकार किया है।
पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश
इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह मूल रूप जनपद बलिया के रहने वाले हैं। उनका बेटा रितेश सिंह उर्फ बाला टाइल्स कारीगर था। इस मामले में इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपितों ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की, लेकिन सर्विलांस के साक्ष्यों के सामने उनकी एक नहीं चली। पूछताछ के दौरान सभी आरोपितों ने एक-एक कर सारे राज उगल दिए। इंस्पेक्टर के मुताबिक फरार आरोपी अरबाज खान की तलाश में उनकी टीम उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।
24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा होने पर डीसीपी पूर्वी ने पुलिस टीम को दी शाबाशी
24 घंटे के भीतर रितेश हत्याकांड का खुलासा करने वाले इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज कुमार, उपनिरीक्षक धनंजय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक मोहित कुमार, उपनिरीक्षक तेज कुमार शुक्ला, उपनिरीक्षक कपिल कुमार, उपनिरीक्षक मदन पटेल व कांस्टेबल मनीष कुमार के अलावा क्राइम/सर्विलांस टीम में शामिल उपनिरीक्षक अमर नाथ चौरसिया, हेड कांस्टेबल संदीप पाण्डेय, हेड कांस्टेबल अमित कुमार सिंह, कांस्टेबल शिवानंद खरवार, कांस्टेबल तरनजीत सिंह, कांस्टेबल विमल चन्द, कांस्टेबल अजय यादव व कांस्टेबल प्रदीप कुमार को शाबाशी देने के साथ पुलिस टीम को 15 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।




