August 8, 2026 2:11 am

​जनगणना-2027: लखनऊ में ‘स्वगणना’ अभियान की तैयारियां तेज, जिलाधिकारी ने दिए व्यापक दिशा-निर्देश

लखनऊ। आगामी जनगणना-2027 की तैयारियों को सुव्यवस्थित, प्रभावी एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री विशाख जी. की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य फोकस जनगणना के प्रथम चरण के अंतर्गत 07 मई से 21 मई 2026 तक संचालित होने वाली ‘स्वगणना’ (Self Enumeration) की तैयारियों एवं उसकी क्रियान्वयन रणनीति पर रहा।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री अजय जैन, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) श्री राकेश सिंह, तथा जनगणना निदेशालय से डॉ. गौरव पाण्डेय (उप निदेशक), श्रीमती उपासना गिरी (सहायक निदेशक), श्री रमेश कुमार पाण्डेय (सांख्यिकीय अन्वेषक) और श्री अनिल सिंह उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी के प्रमुख निर्देश

जिलाधिकारी ने स्वगणना अभियान को सफल बनाने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए कि इस प्रक्रिया में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। बैठक में लिए गए मुख्य निर्णय निम्नलिखित हैं:

विभागीय भागीदारी: सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया गया कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की स्वगणना में अनिवार्य भागीदारी सुनिश्चित करें। इसके लिए प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे।

पार्षदों का प्रशिक्षण: नगर निगम के सभी 110 वार्डों के पार्षदों का चरणबद्ध प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। उन्हें स्वगणना प्रक्रिया, पोर्टल/एप का उपयोग और डेटा सुरक्षा के बारे में शिक्षित किया जाएगा ताकि वे अपने वार्ड में जनता का मार्गदर्शन कर सकें।

शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता: शिक्षा विभाग को निर्देश दिए गए कि विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और विद्यालयों में कार्यशालाएं और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि युवा पीढ़ी को इस अभियान से जोड़ा जा सके।

आवासीय परिसरों में विशेष अभियान: सरकारी कॉलोनियों, हाउसिंग सोसाइटीज़ और आवासीय क्षेत्रों में विशेष टीमें गठित की जाएंगी, जो घर-घर जाकर स्वगणना प्रक्रिया में तकनीकी सहायता प्रदान करेंगी।

व्यापक प्रचार-प्रसार: नगर निगम की एलईडी स्क्रीन, आईटीएस (ITMS) के पीए सिस्टम, प्रमुख चौराहों, सार्वजनिक स्थलों, सिनेमा हॉल एवं मल्टीप्लेक्स में जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया का भी भरपूर उपयोग किया जाएगा।

सामुदायिक सहभागिता: पीएसयू, आईएमए, व्यापारिक संगठनों, आरडब्ल्यूए और स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

निरीक्षण एवं निगरानी

अभियान की गुणवत्ता और प्रगति सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए। ग्रामीण क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी तथा नगर निगम क्षेत्र में समस्त अपर जिलाधिकारी एवं अपर नगर आयुक्त प्रतिदिन निरीक्षण करेंगे। इस दौरान प्रशिक्षण की गुणवत्ता और तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनगणना-2027 के इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को पूर्ण पारदर्शिता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ संपन्न कराया जाए।

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