जमीन सरकारी, फिर भी बिजली कनेक्शनों की रही भरमार
इससे साफ है कि कहीं न कहीं राजस्व विभाग की मिलीभगत?
सालों से रिंग रोड सड़क किनारे सैकड़ों की संख्या में बनी झुग्गी-झोपड़ी, अब संबंधित विभाग बता रहा अवैध
इस अग्निकांड में तबाह हो गए कई परिवार और झुलस कर दम तोड़ दीं दो मासूम
ए अहमद सौदागर लखनऊ। विकासनगर क्षेत्र के रिंग रोड पर सड़क किनारे बसी झुग्गी-झोपड़ी में बुधवार शाम करीब पांच बजे लगी भीषण आग में दो-चार नहीं बल्कि पांच सौ से अधिक परिवार आग की लपट में आकर तबाह हो गया। यही नहीं इस हादसे में बाराबंकी जिले के राम सनेही घाट थाना क्षेत्र स्थित काशीपुवा गांव निवासी सतीश की दो मासूम बेटियों की झुलसकर मौत हो गई। इस घटना के बाद सरकारी अमला जागा, लेकिन सबकुछ जलकर राख होने के बाद।
जानकार बताते हैं कि जिस जमीन पर गरीब गुरबा झोपड़ी बनाकर रह रहे थे अब उसी जमीन को संबंधित विभाग अवैध कब्जा होने की बात बताकर अपना पल्ला झाड़ने में जुट गया है। हालांकि ये झोपड़ियां शहर की किसी घनी आबादी के बीच नहीं बल्कि रिंग रोड स्थित सड़क किनारे बसी थी, जहां से अक्सर जिम्मेदार आलाधिकारियों की लाल नीली बत्ती वाली गाड़ियां सायरन बजाती हुई निकलतीं थीं, लेकिन कड़वा सच यह है कि इस आज तक संबंधित विभाग के किसी अफसर की नजर नहीं पड़ी कि यह झोपड़ियां वैध हैं अवैध तरीके से बनी है।
बताया जा रहा है नजर अंदाज करने वाले वही अफसर अब अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने में जुटे हुए हैं। सालों तक झोपड़ियों में लोगबाग रह रहे थे और संबंधित विभाग मूकदर्शक बना रहा, इससे यही लग रहा है कि संबंधित विभाग की थ्योरी में छेद ही छेद नजर आ रहे हैं।
बिजली विभाग भी कम नहीं जमकर सालों से वसूलता रहा मोटी रकम कहीं पर रहा कनेक्शन तो कहीं पर लगी थी कटिया
वाह रे बिजली विभाग, झुग्गी-झोपड़ियों में पोल पर लदा रहा बिजली तार और लटक रहे थे बिजली मीटर, इसके बाद ही बिजली विभाग आंख मूंद तमाशबीन बना रहा। नतीजतन बुधवार को कहीं से निकली चिंगारी करीब पांच सौ झोपड़ियों के लिए काल बन गई।
सवाल है कि जब घटनास्थल वाली जमीन को संबंधित विभाग अवैध कब्जा होने का अलाप लगा रहा है कि जांच-पड़ताल में सामने आया है कि यह जमीन लोकनिर्माण विभाग के नाम से दर्ज है तो आखिर अबतक जिम्मेदार विभाग क्यों सो रहा था और इसी झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों के नाम से बिजली विभाग भी दनादन कनेक्शन देने से नहीं चुका।
चंद मिनटों में तबाह हुईं दो जिंदगियां
बाराबंकी जिले के राम सनेही घाट क्षेत्र के रहने वाले सतीश उस झोपडी की ओर इशारा करते ही फफक पड़े जो उनकी दो मासूम बेटियों के लिए कब्रगाह बन गई। भरभराई में वह बोले इसी स्थान पर बनी झोपड़ी में हमारी दो जिंदगियां जल मरी। सतीश की दो मासूम बेटियों की मौत पर सरकारी तंत्र भले ही खामोश है, लेकिन घटनास्थल पर दबी जबान में यही चर्चा है कि दावे बहुत हो रहें हैं, लेकिन कोई सूध लेने वाला नहीं है और ही किसी मुआवजे की उम्मीद लग रही है। वहीं बुधवार को सिर्फ सतीश ही नहीं सैकड़ा भर परिवार का सबकुछ जलकर राख हो गया।




