August 8, 2026 2:15 am

जिनके कंधों पर लोगों की सुरक्षा का जिम्मा और वही हो गए ठगी का शिकार, उन्नाव के जेल अधीक्षक से हुई 23 लाख रुपए की ठगी

जालसाजों ने बेटी का नीट में दाखिला कराने के नाम पर दिया घटना को अंजाम 

 

ए अहमद सौदागर लखनऊ। यूपी में साइबर अपराधियों का कहर थम नहीं रहा है। जिनके कंधों पर लोगों की सुरक्षा का जिम्मा हो वह भी साइबर ठगों से बच नहीं पा रहे हैं। उन्नाव जिले में बेखौफ जालसाजों ने जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह को 23 लाख का चूना लगा दिया। ठगों ने बेटी का नीट में दाखिला कराने के नाम पर रकम ऐंठ ली। जस्ट डायल के जरिए जेल अधीक्षक ने इनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया था। पुलिस जेल अधीक्षक की तहरीर पर जस्ट डायल के प्रबंधक समेत तीन पर जालसाजी समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।

बताया जा रहा है कि इससे पहले भी आरोपियों ने छह से सात लोगों से तीन-चार करोड़ की ठगी कर चुके हैं। लखनऊ के साइबर थाना में पीड़ितों की ओर से मुकदमा दर्ज करने के बाद डेढ़ माह पहले दो आराेपितों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा गया है।

जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह के मुताबिक़ काउंसिलिंग के द्वारा बेटी को उन्हें मेडिकल कालेज में प्रवेश दिलाना था। इसके लिए उन्होंने जस्ट डायल के माध्यम से लखनऊ गोमतीनगर के स्टडी पाथवे कंसलटेंसी के प्रोपराइटर अभिनव शर्मा से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। अभिनव ने हिंद इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंस सफेदाबाद बाराबंकी में प्रवेश सुरक्षित कराने के नाम पर 19 जुलाई 2025 को 10-10 लाख के इसी कालेज के नाम के दो बैंक ड्राफ्ट लिए।

इसके बाद आरोपित अभिनव ने 24 अगस्त 2025 को अपने कोटक महिंद्रा बैंक, गोमतीनगर लखनऊ के खाते में तीन लाख रुपये डालने को कहे। जेल अधीक्षक के अनुसार उन्होंने अपनी पत्नी के खाते से तीन लाख रुपये उसके बताए गए खाते में आरटीजीएस के जरिए भुगतान किए। कुछ दिन बाद अभिनव शर्मा से मोबाइल नंबर पर बात करने का प्रयास किया तो मोबाइल बंद जाता रहा। उनके कार्यालय विजयपंत खंड गोमतीनगर लखनऊ पहुंचा तो वह भी बंद मिला।

इधर-उधर जानकारी ली तो पता चला कि आरोपित अभिनव शर्मा, संतोष कुमार व अन्य का एक संगठित गिरोह है। यह अन्य लोगों से भी इसी तरह की जालसाजी पूर्व में कर चुके हैं। लगभग सात लोगों से तीन से चार करोड़ की ठगी का मुकदमा लखनऊ के साइबर थाना में दर्ज हुआ। इस पर डेढ़ माह पहले लखनऊ पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

ठगी के लिए खोले इंस्टीट्यूट के नाम से फर्जी बैंक खाते

ठगी के लिए आरोपितों ने हिंद इंस्टीट्यूट के नाम से बैंकों में फर्जी खाते, व फर्जी कार्यालय भी खोल रखे हैं। 23 लाख की ठगी के बाद आरोपितों ने जस्ट डायल से भी अपनी सभी जानकारी हटा ली है। जेल अधीक्षक ने इस अपराध में जस्ट डायल की भूमिका भी महत्वपूर्ण बताई।

आरोपियों पर शिकंजा कसने में जुटी पुलिस

कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि जेल अधीक्षक की तहरीर पर स्टडी पाथवे कंसल्टेंसी के प्रोप्राइटर अभिनव शर्मा, संतोष कुमार, व जस्ट डायल के संचालक व प्रबंधक के विरुद्ध बीएनएस की धारा 318 (4) धोखाधड़ी व बेईमानी से संपत्ति हड़पना, व धारा 61(2) आपराधिक साजिश के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। जेल अधीक्षक पंकज कुमार सिंह ने 23 लाख की ठगी की बात स्वीकार की है।

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