लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आज लखनऊ में पार्टी के प्रदेश और जिला कमेटी के पदाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक में उन्होंने आगामी चुनावी तैयारियों, संगठन की मजबूती और देश की वर्तमान राजनीतिक व आर्थिक स्थिति पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान मायावती ने केंद्र और राज्य सरकारों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जनता सरकारी उदासीनता से त्रस्त है। उन्होंने उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें केवल ‘जुमलेबाजी’ और वादों के जरिए लोगों की भूख-प्यास मिटाना चाहती हैं, जबकि हकीकत में रोटी-रोजी की समस्या और भी विकट होती जा रही है।
बसपा प्रमुख ने कहा कि ‘आत्मनिर्भरता’ केवल एक लुभावना नारा नहीं होना चाहिए। इसे ईमानदारी से धरातल पर उतारने की जरूरत है ताकि हर हाथ को काम मिल सके। उन्होंने प्राइवेट सेक्टर पर अत्यधिक निर्भरता को लेकर भी आगाह किया।
उन्होंने कहा कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के हालातों के कारण रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि इससे गरीब और मेहनतकश समाज की कमर टूट गई है।
उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अपराधी तत्वों को पार्टी में कोई जगह नहीं दी जाएगी। सर्वजन हिताय: टिकट बंटवारे और शॉर्टलिस्टिंग के समय ‘सर्वसमाज’ (सभी वर्गों) को उचित प्रतिनिधित्व देने का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों पर आरक्षण के अधिकारों को निष्प्रभावी बनाने का आरोप लगाया और महिला आरक्षण में भी कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए अलग कोटे की मांग की।
मायावती ने घोषणा की कि आगामी 14 अप्रैल को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पूरे मिशनरी भाव से मनाई जाएगी।
“इस बार यूपी के सभी 18 मंडलों के कार्यकर्ता लखनऊ स्थित ‘डॉ. अंबेडकर सामाजिक परिवर्तन स्थल’ पर एकत्रित होकर बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। नोएडा स्थित प्रेरणा स्थल पर मरम्मत कार्य चलने के कारण पश्चिमी यूपी के लोग भी इस बार लखनऊ में ही जुटेंगे।”
मायावती ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पूरी निष्ठा और मेहनत से जनता के बीच जाएं, क्योंकि जनता अब बड़ी उम्मीदों के साथ बीएसपी की ओर देख रही है।
उन्होंने चेतावनी भी दी कि संगठन के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।




