August 8, 2026 2:19 am

टीईटी मुद्दे पर शिक्षकों ने संघर्ष का बजाया बिगुल

मलिहाबाद लखनऊ। (संवाददाता) राजधानी लखनऊ के थाना क्षेत्र आज शुक्रवार को अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा डिप्लोमा इंजीनियर संघ भवन हाल हजरतगंज लखनऊ में आयोजित पत्रकार वार्ता बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार पाण्डेय द्वारा संगठन के आगामी कार्य योजना आन्दोलन के विषयों पर पत्रकारों से विस्तृत वार्ता करते हुए बताया कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 01 सितम्बर 2025 के जारी निर्देश में प्राथमिक शिक्षकों को सेवा में बने रहने एंव पदोन्नति हेतु दो वर्ष के भीतर टेट उत्तीर्ण करना आवश्यक किए जाने पर देश व प्रदेश के शिक्षको की सेवा सुरक्षा के दृष्टि से अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले देश के विभिन्न राज्यों में विभागीय शासन-प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री व शिक्षा मंत्री भारत सरकार एंव मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को मांगपत्र ज्ञापन के माध्यम से इस निर्देश के वापस लिए जाने एंव शिक्षा अधिकार नियमावली में संशोधन किए जाने सहित सरकार द्वारा देश के शिक्षको की सेवा सुरक्षा की जिम्मेदारी लिए जाने को लेकर अनुरोध किया गया।

साथ ही प्रदेश के समस्त जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन व शिक्षको ने संवैधानिक तरीके से काली पटटी बांध कर पठन-पठन कार्य किया गया व बृहद हस्ताक्षर अभियान चलाया गया ।उन्होने बताया कि न्यायिक प्रक्रिया में संगठन द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में इस निर्देश को वापस लिए जाने के लिए पुर्नविचार याचिका दाखिल की गई है। लेकिन कोई सकारात्मक संदेश न मिलने के कारण देश के शिक्षक मानसिक परेशान और हताहत है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया हमारी प्रमुख मांगों में टीईटी अनिवार्यता को समाप्त करना,पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करना, पेंशनियर शिक्षकों को पूर्ववत सुविधा यथावत रखा जाए। सभी राज्यों के प्राथमिक शिक्षकों को समान वेतनमान एंव अन्य लाभ प्रदान किया जाए और सभी राज्यों में विभिन्न नामों से नियुक्त संविदा शिक्षकों को नियमित किया जाए,नई शिक्षा नीति 2020 में शिक्षक विरोधी प्रावधानों को तत्काल हटाया जाए।

शिक्षकों के हित में तय किया गया है कि दिनांक 11 दिसम्बर 2025 को जंतर-मंतर नई दिल्ली में एक दिवसीय सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया जाएगा जिसमें देश के राज्य शिक्षक संगठनों के प्रतिनिधि सम्मिलित होगें और यदि जंतर-मंतर के सांकेतिक धरने के उपरान्त सरकार हमारी मांगों को लेकर कोई सकारात्मक पहल व लिखित आश्वासन नहीं देती है तो संघ देशव्यापी आंदोलन करेगा जो कैलेन्डर नववर्ष 2026 के फरवरी माह में होगा और इस अन्दोलन में देश के सभी सम्बद्ध राज्य शिक्षक संगठन अपने सदस्यों के साथ दिल्ली पंहुचकर अपनी एकता दिखाते हुए दिल्ली के रामलीला मैदान से संसद तक एक बड़ी रैली करते हुए संसद मार्च निकालेगें जिसका नाम होगा संसद मार्च रैली।

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