मलिहाबाद लखनऊ मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले से संघ के अध्यक्ष सुशील पाण्डेय ने मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद ज्ञापित किया।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को शिक्षक बने रहने के की TET उत्तीर्ण अनिवार्य किए जाने का आदेश बीते 01 सितंबर को दिया गया जिसको लेकर अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले एवं संघ के अध्यक्ष सुशील कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में प्रदेश के शिक्षक शिक्षिकाएं पहले ही दिन से ज्ञापन के माध्यम से आंदोलन कर मांग कर रहे थे कि सरकार स्वयं प्रदेश के शिक्षको की सेवा सुरक्षा करने के लिए आगे आए और माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दाखिल करे ।
वहीं संघ के अध्यक्ष सुशील पाण्डेय ने पहले ही दिन पत्र के माध्यम से भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार से मांग किए कि TET के प्रकरण पर सरकार स्वयं पुनर्विचार याचिका कर माननीय सर्वोच्च न्यायालय को सत्य तथ्य से अवगत कराए क्योंकि यह आदेश गलत तथ्यों के आधार पर हुआ है । जिसके चलते मंगलवार को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश द्वारा यह घोषणा की गई कि बेसिक शिक्षा विभाग के सेवारत शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता पर उच्चतम न्यायालय के आदेश का रिवीजन दाखिल करने का विभाग को निर्देश दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश के शिक्षक अनुभवी हैं और समय-समय पर सरकार द्वारा उन्हें प्रशिक्षण प्रदान किया जाता रहा है। ऐसे में उनकी योग्यता और सेवा के वर्षों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के इस पहल से संघ के अध्यक्ष सुशील पाण्डेय ने अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ एवं उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की तरफ से माननीय मुख्यमंत्री जी का धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन कही से किसी भी तरह से लापवाही नहीं करेगा प्रदेश के शिक्षक अपने नेतृत्व के प्रति और अपनी सेवा सुरक्षा के लिए सजग रहे।




