उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक में डीजीपी ने की विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा
ए अहमद सौदागर लखनऊ। यूपी के पुलिस महानिदेशक नें आज उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक कर मतहतो को पुलिस व्यवस्था औऱ अधिक दुरुस्त करने के निर्देश दिये। इसी के साथ डीजीपी नें जन शिकायतों एवं आईजीआरएस प्रकरणों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिये थाना एवं चौकी स्तर पर प्रभावी जनसुनवाई सुनिश्चित को भी कहा।
डीजीपी नें संवेदनशील घटनाओं में त्वरित कार्रवाई, तथ्यात्मक एवं समयबद्ध मीडिया ब्रीफिंग तथा वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुँचकर प्रभावी पर्यवेक्षण करने पर विशेष बल दिया। इसी के साथ नव नियुक्त 60,000 आरक्षियों का बीट पुलिसिंग, फुट पेट्रोलिंग एवं जन संवाद में अधिकतम उपयोग करने औऱ उनके व्यवहारिक प्रशिक्षण, आवास एवं मेस व्यवस्था की नियमित समीक्षा के निर्देश दिए।
डीजीपी नें सोशल मीडिया के माध्यम से सीमा पार से युवाओं को दुष्प्रेरित करने वाले आपराधिक नेटवर्क के साथ ही जातिगत वैमनस्यता फैलाने वालों पर सतर्क नजर रखने को कहा गया।गोकशी, गो-तस्करी, हत्या एवं लूट की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिये विशेष अभियान चलाने तथा बीट सूचना प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया।इस बैठक प्रदेश के सभी जोनल अपर पुलिस महानिदेशक/पुलिस आयुक्त औऱ परिक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक/पुलिस उप महानिरीक्षक तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक ऑनलाइन मौजूद थे।डीजीपी नें कहा है कि जन शिकायतों एवं आईजीआरएस का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण औऱ समयबद्ध किया जाये। इसमें किसी प्रकार की कोताही न हो।डीजीपी ने डूबने से होने वाली दुर्घटनाओं, ई-सम्मन व ई-साक्ष्य के प्रभावी उपयोग तथा कानून-व्यवस्था की समीक्षा कर अफसरों को सुधार के निर्देश दिये।
डीजीपी नें मिशन शक्ति केन्दों के जरिये महिला सम्बन्धी एवम् पारिवारिक शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर बल दिया गया। कानून-व्यवस्था एवं संवेदनशील घटनाओं को लेकर कड़े निर्देश दिये। डीजीपी नें कहा कि संवेदनशील घटनाओं को लेकर त्वरित कार्रवाई की जाये एवं कारणों की समीक्षा कर पुनरावृत्ति रोकी जाये।गम्भीर घटनाओं में परिक्षेत्र एवं जोन के वरिष्ठ अधिकारी भी स्वयं मौके पर पहुँचकर प्रभावी पर्यवेक्षण करें।सोशल मीडिया पर राष्ट्रविरोधी एवं जातिगत वैमनस्यता फैलाने वाले तत्वों की निगरानी करें।पुलिस महानिदेशक नें सीमापार से संचालित आपराधिक एवं आतंकवादी नेटवर्क द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को दुष्प्रेरित किए जाने की घटनाओं पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिये।डीजीपी नें नवआरक्षियों का थाने की कार्यप्रणालियों के साथ-साथ बीट पुलिसिंग, फुट पेट्रोलिंग एवं जन संवाद में अधिकतम उपयोग करने को कहा।डीजीपी नें कहा कि अधिकारी नवआरक्षियों की मेस, आवास एवं प्रशिक्षण व्यवस्था का नियमित निरीक्षण करें। उनके साथ व्यक्तिगत संवाद स्थापित करें तथा समय-समय पर थाना प्रभारी व अन्य उच्चाधिकारी उनके साथ स्वयं मेस में भोजन करें ताकि बेहतर समन्वय बना रहे।दंगा नियंत्रण ड्रिल का नियमित अभ्यास कराया जाये।गोकशी एवं गो-तस्करी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाये।
गोकशी एवं गो-तस्करी की घटनाओं को लेकर विशेष अभियान चलाया जाये।डीजीपी नें कहा कि लूट एवं हत्या की घटनाओं के कारणों का विश्लेषण करते हुये समयबद्ध एवं प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाये।डीजीपी नें कहा कि
प्रदेश के 20 जनपदों में यातायात जाम की समस्या को दूर करने के उद्देश्य से चलायी गयी सी -आरटीसी योजना के भी सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए हैं, जिसमें और अधिक सुधार के निर्देश दिये गये।नदी, नहर एवं जलाशयों में डूबने से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिये कड़े कदम उठाने के निर्देश दिये।उन्होंने कहा कि स्थानीय पुलिस एवं एसडीआरएफ द्वारा नियमित जागरूकता एवं निगरानी अभियान चलाया जाये।
विवेचक एवं थाना प्रभारी गिरफ्तारी के दौरान “ग्राउंड ऑफ अरेस्ट” एवं “रीजन ऑफ अरेस्ट” का स्पष्ट उल्लेख करें।बीएनएसएस एवं उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ही गिरफ्तारी मेमो पूर्ण रूप से भरते हुए एसओपी का पालन करें।डीजीपी नें कहा कि थानों पर किसी भी बंदी को बिना निगरानी के न रखा जाए तथा हवालात की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।क्षेत्राधिकारी एवं थाना प्रभारी यह सुनिश्चित करें कि थानों में अनावश्यक रूप से किसी व्यक्ति को बैठाकर न रखा जाए।




