लखनऊ। डॉ.अंबेडकर सामाजिक एकता मंच के तत्वावधान में संत गाडगे महाराज जी के परिनिर्वाण दिवस पर बुद्ध मंदिर, मार्टिन पुरवा, हजरतगंज, में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों, सदस्यों ने संत गाडगे महाराज जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम में उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि संत गाडगे महाराज जी का जन्म 23 फरवरी 1876 को महाराष्ट्र के अमरावती जिले के अंजनगांव सुरजी तालुका के सेंदगांव में एक रजक परिवार में हुआ था। इनके पिता का नाम झींगराजी माता का नाम सकुबाई था।
वह अपने प्रवचनों में संत कबीर के दोहे का प्रयोग करते थे संत गाडगे महाराज जी ने उन मूल्यों को अपनाने की कोशिश की जिनका उन्होंने प्रचार प्रसार किया।
संत गाडगे बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर से अत्यधिक प्रभावित थे वे डॉ.अंबेडकर जी का उदाहरण देकर लोगों को से शिक्षित होने का आग्रह करते हुए कहा करते थे कि देखो कैसे डॉ. अंबेडकर जी अपनी मेहनत के बल पर इतने विद्वान व्यक्ति बन गए।
संत गाडगे महाराज जी ने कहा था कि अगर थाली नहीं है तो हथेली पर खाओ लेकिन अपने बच्चों को जरूर पढ़ाओ संत गाडगे महाराज जी ने समाज को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का कार्य किया।
भारत सरकार ने उनके सम्मान में कई पुरस्कार जारी किए, संत गाडगे महाराज जी सच्चे कर्मयोगी थे। कार्यक्रम में संगठन के राष्ट्रीय महामंत्री सूरज कुमार गौतम ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर गरिमा, आशीष कुमार,मुन्नी देवी,अभिनव चौधरी, अन्याया, वंदना कुमारी, अर्पिता, संजीता, कांति देवी, निहारिका, सहित तमाम गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहें।




