August 8, 2026 2:22 am

डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ पंचम स्थापना दिवस समारोह

लखनऊ। डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) ने आज अपना पंचम वार्षिकोत्सव बड़े उत्साह और गौरव के साथ मनाया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी, माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक जी, माननीय मंत्री श्री मयंकश्वर शरण सिंह जी तथा प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा जी सहित संस्थान के संकाय सदस्य, अधिकारीगण, छात्र-छात्राएँ एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने संस्थान को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि चिकित्सा विज्ञान में तकनीकी उत्कृष्टता के साथ-साथ रोगियों के प्रति संवेदना और सहानुभूति भी अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा “सही उपचार तभी सफल होता है जब डॉक्टर रोगी को यह विश्वास दिलाते हैं कि वह अवश्य स्वस्थ होगा। मरीज में आत्मविश्वास जगाना उतना ही महत्वपूर्ण है जितना कि दवा और उपचार।”

माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि परिधीय अस्पतालों और नए मेडिकल कॉलेजों को सशक्त बनाया जाए ताकि गाँव-गाँव और कस्बों तक उच्चस्तरीय इलाज पहुँच सके।

उन्होंने याद दिलाया कि योजना, अनुसंधान और समर्पण से प्रदेश ने इन्सेफेलाइटिस (दिमागी बुखार) जैसी बीमारी को नियंत्रित किया और हजारों परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौटाई।

मुख्यमंत्री जी ने संस्थान में स्थापित गामा नाइफ (Gamma Knife) तकनीक की भी प्रशंसा की और कहा कि यह प्रदेश के न्यूरो रोगियों के लिए एक बड़ी सौगात है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें अनुसंधान और रोग-निवारण पर ध्यान देना चाहिए तथा तकनीकी संस्थानों के साथ एमओयू कर चिकित्सा उपकरण और डिवाइस विकसित करने चाहिए, जिससे उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य नवाचार के नए अवसर बनेंगे।

प्रमुख सचिव श्री पार्थ सारथी सेन शर्मा जी ने संस्थान द्वारा शुरू किए गए STEMI CARE कार्यक्रम की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल हृदयाघात (हार्ट अटैक) रोगियों की समय पर जान बचाने में एक मॉडल प्रोग्राम बनकर उभर रही है।

माननीय उपमुख्यमंत्री श्री बृजेश पाठक जी ने कहा कि –

“रोगियों और उनके परिजनों का डॉक्टरों और RMLIMS परिवार पर गहरा विश्वास है। यही विश्वास संस्थान की सबसे बड़ी शक्ति है, जिसे सेवा और समर्पण से और मज़बूत करना है।”

माननीय मंत्री श्री मयंकश्वर शरण सिंह जी ने आह्वान किया कि संस्थान को NIRF रैंकिंग प्राप्त करने का प्रयास करना चाहिए ताकि यह देश के श्रेष्ठ चिकित्सा संस्थानों में शामिल हो सके।

 

 

 

इस अवसर पर संस्थान ने अपनी हाल की उपलब्धियाँ प्रस्तुत कीं – हृदय सेतु – STEMI CARE UP कार्यक्रम के अंतर्गत तीव्र हृदयाघात रोगियों को समय पर उपचार, नवीनतम डायग्नोस्टिक व चिकित्सीय उपकरणों की स्थापना, निवारक कार्डियोलॉजी अनुसंधान में प्रोटोकॉल विकसित करना तथा जनजागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से जीवनशैली जनित रोगों की रोकथाम।

 

 

स्थापना दिवस केवल पाँच वर्षों की यात्रा का उत्सव नहीं है, बल्कि भविष्य की उस दृष्टि का भी उद्घोष है जिसमें RMLIMS को सेवा, सहानुभूति और नवाचार (Seva, Samvedna, Navachar) के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुसंधान का आदर्श केन्द्र बनाया जा रहा है।

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