लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अंतर्गत थाना रहीमाबाद क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां पर एक दबंग की दबंगई इतनी बढ़ गई की दूसरे का गुस्सा भी एक असहाय निर्दोष परिवार पर निकलता है। दबंग के खिलाफ थाने में प्रार्थना पत्र भी दिया एक बार शांति भंग में चालान किया दूसरी बार में सुला समझौता कर दिया पुलिस ने केस भी दर्ज किया पर पुलिस की बात भी बात नहीं मान रहा दबंग की दबंगई इतनी की अपने ही घर में दहशत में जी रहा परिवार घर बेचने को हुआ मजबूर।
जहां यूपी सरकार दबंग एवं दंगाइयों के खिलाफ मुहिम छेड़ कर दबंगईयों और आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों को सफया करने में जुटी है वही राजधानी क्षेत्र के रहीमाबाद अंतर्गत एक दबंग जिसका नाम मोनू सिंह निवासी जुगराजगंज एक गरीब, असहाय परिवार को अपना निशाना बनाकर क्षेत्र में अपना रुतबा दिखाने और दबदबा बनाने को लेकर गरीब परिवार के पीछे पड़ गया है, आए दिन महिलाओं को गाली गलौज देकर लोगों के बिच में अपना रुतबा बरकरार कर रहा है।
पूर्व में रहीमाबाद थाने में दबंग के ऊपर पीड़ित ने दी थी तहरीर जिसमें रहीमाबाद थाने ने शांति भंग में किया था चालान। दबंग केस को रफा-दफा करके दोबारा गाली गलौज और जान से मारने की आय दिन धमकी देने लगा। फिर दोबारा रहीमाबाद थाने में पीड़ित ने तहरीर दी थी जिसमें इंस्पेक्टर रहीमाबाद ने शिकायत को सुलह – समझौता करवा दिया था।
दबंग अब आए दिन दारू पीकर और बिना दारू पिए भी दूर से पीड़ित को देता है गाली गलौज और जान से मारने की धमकी. घर के बाहर कैमरे लगे होने के चलते वह दूर से करता है अपना रुतबा बरकरार, इंस्पेक्टर रहीमाबाद के फैसले को नहीं मानता दबंग.
दबंग के ऊपर पुर्व में भी लखनऊ के जानकी पुरम,कैसरबाग, राजाजीपुरम,सहित कई थानों में पहले से संगीन धाराओं मे केस हो चुके हैं दर्ज दबंग के ऊपर, माननीय न्यायालय में मुकदमा आज भी विचार अधीन है कई अलग-अलग मामलों में मुकदमा अभी भी चल रहा है दबंग के ऊपर, पुर्व में लखनऊ पुलिस द्वारा कार्यवाही भी की गई थी इसके बाद वह जेल में भी रहा उसका कहना है कि जब लखनऊ पुलिस मेरा कुछ नहीं कर पाई तो तुम क्या बिगाड़ लोगे मेरा…
दबंग से परेशान होकर पीड़ित परिवार घर, खेत बेच कर पलायन करने को हुआ मजबूर, पीड़ित काम के सिलसिले में घर से बाहर चला जाता है तब महिलाओं को गाली गलौज और दूर से गंदे गंदे इसारे करता है घर में कोई व्यक्ति न होने के कारण दबंग से डरा सहमा परिवार घर के अंदर कैद होने को हुआ मजबूर घर के बाहर निकलना हुआ दूभर।




