कमता चौकी पर तैनात पूर्व चौकी प्रभारी मोहित कुमार, सीआरपीएफ दरोगा व सिपाही ने डकैती डाल पुराने जख्मों को किया ताजा
ए अहमद सौदागर लखनऊ। राजधानी लखनऊ का बहुचर्चित माज हत्याकांड, गोसाईगंज में कोयला कारोबारी के यहां हुई करोड़ों की डकैती कांड, गोरखपुर में कानपुर के व्यापारी मनीष हत्याकांड, यूपी और बिहार सीमा पर ट्रकों से अवैध वसूली कांड या फिर चिनहट क्षेत्र में एक शख्स को अपहरण कर हुई लूटपाट का मामला। इन वारदात को अंजाम देने वाले कोई पेशेवर अपराधी नहीं बल्कि कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने का दावा करने वाले दागी पुलिसकर्मियों ने ही दिया था।
लूट, डकैती और हत्या जैसी संगीन घटनाओं के बाद जब पुलिस ने खुलासा किया तो पता चला कि ये पुलिसकर्मी न सिर्फ नियम-कानून को दरकिनार किया, बल्कि पूरे पुलिस महकमे को बदनाम किया। चिनहट थाना क्षेत्र के कमता चौकी पर तैनात पूर्व चौकी प्रभारी मोहित कुमार, सीआरपीएफ दरोगा जय प्रकाश और सिपाही पूर्ण सिंह के करतूतों का इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा की टीम ने राजफाश किया तो इस वारदात ने एक बार फिर पुराने जख्मों को ताजा कर दिया।
बताया जा रहा है कि निवेश के नाम पर दरोगा मोहित कुमार लूटपाट का गिरोह चलाता था। इसकी भनक इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा और पुलिस के आलाधिकारियों को जैसे ही लगी तो मानो सांप सूंघ गया। यह लोग पुलिसिंग छोड़ एक संगठित गिरोह चलते थे।
इस वारदात को अंजाम देने वाला दरोगा मोहित कुमार व इसमें शामिल अन्य आरोपी अभी पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
बताया जा रहा है कि पूर्व चौकी प्रभारी मोहित कुमार मूल रूप जनपद मुजफ्फरनगर का रहने वाला है। दरोगा मोहित कुमार और सीआरपीएफ दरोगा जय प्रकाश की तलाश में पुलिस की टीमें उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा का कहना है कि उम्मीद है कि बहुत जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
जानकार सूत्र बताते हैं कि अगर दरोगा मोहित कुमार व सीआरपीएफ दरोगा जय प्रकाश नहीं मिले तो उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के आलाधिकारी इनाम घोषित कर सकते हैं। दरअसल दागी पुलिसकर्मियों के करतूतों पर गौर करें तो इनका अपराध से नाता बहुत पुराना है। किसी ने अपनी प्रेमिका की चाहत में मासूम बच्चे को मौत की नींद सुलवा दिया तो किसी ने चंद रुपयों की लालच में आकर कानपुर के व्यापारी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। यही नहीं हवाला कारोबार बताते हुए गोसाईगंज क्षेत्र में पुलिसकर्मियों ने कोयला कारोबारी के दो करोड़ से अधिक रुपयों की डकैती डाली। जबकि वर्ष 2024 में यूपी बिहार सीमा पर ट्रकों से वसूली करते हुए दो पुलिसकर्मियों समेत 16 दलाल गिरफ्तार हुए थे। इन मामलों की चर्चा खत्म भी नहीं हो पाई थी कि चिनहट क्षेत्र के कमता चौकी पर तैनात पूर्व चौकी प्रभारी मोहित कुमार, सीआरपीएफ दरोगा जय प्रकाश व सिपाही पूर्ण सिंह ने निवेश के नाम पर एक शख्स को बंधक बनाकर लूटपाट कर एक बार फिर पुलिस महकमे की किरकिरी कर डाली।




