उन्नाव औरस। (संवाददाता) सरकार द्वारा परिषदीय विद्यालयों में बेहतर सुविधाओं और धुंआ मुक्त रसोई (LPG) के दावों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ताजा मामला औरास थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत टिकरा सामद के प्राथमिक विद्यालय का है, जहाँ गैस सिलेंडर होने के बावजूद मासूम बच्चों का निवाला लकड़ी के चूल्हे पर पकाया जा रहा है।
विद्यालय परिसर में चूल्हा जलने के कारण निकलने वाला जहरीला धुआं सीधे क्लासरूम तक पहुँच रहा है। इससे न केवल बच्चों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है, बल्कि उनकी आंखों और फेफड़ों पर भी बुरा असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। अभिभावकों का कहना है कि एक तरफ सरकार प्रदूषण मुक्त भारत की बात करती है, वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे बच्चों के स्वास्थ्य को खतरे में डाला जा रहा है।
हैरानी की बात यह है कि विद्यालय प्रशासन और संबंधित विभाग इस पूरे मामले से अवगत होने के बावजूद ‘मौन’ साधे हुए है। ग्रामीण आरोप लगा रहे हैं कि गैस बजट और सिलेंडर की उपलब्धता के बावजूद चूल्हे का प्रयोग क्यों हो रहा है?
जिम्मेदार अधिकारी निरीक्षण के दौरान इन खामियों को नजरअंदाज क्यों कर रहे हैं?अभिभावक का पक्ष: “धुएं की वजह से बच्चों को खांसी और आंखों में जलन की शिकायत रहती है। अगर स्कूल में गैस की सुविधा है, तो चूल्हा जलाकर बच्चों को बीमार क्यों किया जा रहा है?”
क्षेत्रीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की तत्काल जांच की जाए और दोषी प्रधानाध्यापक व संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।




