August 8, 2026 2:23 am

नन्द बाबा दुग्ध मिशन के लाभार्थियों से सीधा संवाद, पशुपालकों की समस्याओं और सुझावों पर हुई विस्तृत चर्चा

न्यूज ऑफ इंडिया (एजेंसी) लखनऊ। नन्द बाबा दुग्ध मिशन की विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों एवं प्रगतिशील पशुपालकों के साथ शुक्रवार को एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम गोमती नगर स्थित उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग के प्रेक्षागृह में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने की।

 

संवाद कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से 170 से अधिक पशुपालक और दुग्ध उत्पादक शामिल हुए। कार्यक्रम में दुग्ध आयुक्त एवं मिशन निदेशक नन्द बाबा दुग्ध मिशन धनलक्ष्मी के., पीसीडीएफ लिमिटेड के प्रबंध निदेशक वैभव श्रीवास्तव, विशेष सचिव पशुधन देवेन्द्र पाण्डेय, विशेष सचिव दुग्ध विकास राम सहाय यादव सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

संवाद के दौरान लाभार्थियों ने नन्द बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को रखा। पशुपालकों ने विशेष रूप से बैंक ऋण स्वीकृति में हो रही देरी, बैंकों द्वारा अपेक्षित सहयोग न मिलने, ग्रामीण स्तर पर योजनाओं के प्रचार-प्रसार की कमी, व्यवहारिक प्रशिक्षण की आवश्यकता तथा स्वदेशी उन्नत नस्ल की दुधारू गायों की खरीद में आ रही कठिनाइयों का मुद्दा उठाया।

 

पशुपालकों ने मांग की कि बैंक ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, तीन वर्षों के लिए एकमुश्त पशु बीमा की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा बाहरी प्रदेशों से स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की खरीद से जुड़ी जानकारी जनपद स्तर पर ही उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

 

प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि नन्द बाबा दुग्ध मिशन के माध्यम से पशुपालन और दुग्ध व्यवसाय प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि ऋण स्वीकृति में देरी जैसी समस्याओं के समाधान के लिए जनपद स्तर पर जिला स्तरीय बैंकर्स समिति तथा राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

 

स्वदेशी उन्नत नस्ल की गायों की खरीद में आ रही दिक्कतों को देखते हुए उन्होंने बताया कि चयनित लाभार्थियों को 10-10 के समूह में अन्य राज्यों की गौशालाओं में एक्सपोजर विजिट कराई जाएगी, ताकि वे अच्छे गौ-वंश का चयन कर सकें। इसके साथ ही डेयरी इकाइयों की स्थापना के लिए एनडीआरआई और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में व्यवहारिक प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा।

 

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि स्वदेशी गौ-वंश से प्राप्त गोबर और गौमूत्र से बने उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए पशुपालकों और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित एवं पुरस्कृत किया जाएगा। प्रमुख सचिव ने यह भी भरोसा दिलाया कि इस तरह के संवाद कार्यक्रम आगे भी नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे और अधिक से अधिक पशुपालकों को वर्चुअल माध्यम से जोड़ा जाएगा।

 

दुग्ध आयुक्त एवं मिशन निदेशक धनलक्ष्मी के. ने अपने संबोधन में नन्द बाबा दुग्ध मिशन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इनके माध्यम से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और स्वदेशी उन्नत नस्ल के गौ-वंश के संरक्षण को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना तथा मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के लाभों को विस्तार से समझाया।

 

पीसीडीएफ के प्रबंध निदेशक वैभव श्रीवास्तव ने सहकारी क्षेत्र में ग्राम स्तर पर दुग्ध समितियों के गठन, संचालन और दूध खरीद की पारदर्शी व्यवस्था पर प्रकाश डाला। उन्होंने अधिक से अधिक ग्राम पंचायतों में प्रारंभिक दुग्ध सहकारी समितियों के गठन की आवश्यकता पर जोर दिया।

 

विशेष सचिव पशुधन देवेन्द्र पाण्डेय ने कहा कि शासन का उद्देश्य पशुपालकों को केवल दुग्ध उत्पादक नहीं, बल्कि सफल दुग्ध उद्यमी के रूप में स्थापित करना है। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों द्वारा प्रशिक्षण, पशुपालन गतिविधियों और योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई।

 

कार्यक्रम के अंत में विशेष सचिव दुग्ध विकास राम सहाय यादव ने सभी लाभार्थियों और दुग्ध उत्पादकों को सक्रिय सहभागिता और सुझाव देने के लिए धन्यवाद दिया।

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