लखनऊ। नये बिजली विधेयक व बीज विधेयक के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा की राष्ट्रीय अपील पर राजधानी लखनऊ में परिवर्तन चौक पर किसान संगठनों एवं श्रमिक संगठनों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
विरोध प्रदर्शन के दौरान मौके राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन अपर नगर मजिस्ट्रेट ज्ञान सिंह गुप्ता को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से नये बिजली विधेयक, बीज विधेयक, वीबी-जीराजी अधिनियम, चारों लेबर कोड आदि जनविरोधी नीति-कानूनों की वापसी की मांग की।
क्रांतिकारी किसान यूनियन, भाकियू श्रमिक जनशक्ति, किसान सभा, विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति आदि के सैकड़ों नेता एवं कार्यकर्ता करीब 12 बजे परिवर्तन चौक पर जुटे। किसान – मजदूरों ने जमकर नारेबाजी की। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि देश भर में बिजली कर्मचारियों के साथ किसान-मजदूर भी बिजली के निजीकरण के विरोध में सड़कों पर निर्णायक लड़ाई लड़ेगा। संयुक्त किसान मोर्चा राज्य कमेटी सदस्य कमलेश यादव ने कहा कि भविष्य में 13 महीने चले दिल्ली किसान आंदोलन से भी बड़ा आंदोलन होगा, जिसमें किसानों -मजदूरों के साथ आम जन के तमाम वर्ग भागीदारी करेंगें।
क्रांतिकारी किसान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष रामरतन यादव ने कहा आज बिजली रोटी-कपड़ा और मकान की तरह बुनियादी जरूरत बन गई है। हम किसान-मजदूर जनता की जरूरत बिजली को निजी हाथों में नहीं जाने देंगें।
इनके सीटू नेता प्रवीण, क्रांतिकारी किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष एकादशी यादव राम रतन यादव, जिला उपाध्यक्ष विशंभर दयाल, मंडल प्रभारी, दिनेश कुमार रावत, मोहम्मद हफीज, जगदीश कुमार ग्राम अध्यक्ष ब्रह्मा देवी, काशीराम गौतम राम प्रकाश पाल, विवेक गौतम आदि सैकड़ों किसान और मजदूर सम्मिलित हुए।




