मिश्रिख, सीतापुर। (संवाददाता) जनपद के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक माघ मेले (मिश्रिख-नैमिषारण्य ८४ कोसीय परिक्रमा) में जहां आस्था का जनसैलाब उमड़ रहा है, वहीं परिक्रमार्थियों की सुरक्षा और सहायता के लिए आपदा मित्र स्वयंसेवक पूरी मुस्तैदी के साथ अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।
आशीष कुमार आपदा मित्र (ग्राम बरातपुर) तहसील महोली ने बताया कि तहसील मिश्रिख के आपदा मित्र स्वयंसेवक मेले में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। पुरानी मान्यताओं के कारण इस मेले का विशेष महत्व है, जिसे देखते हुए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु यहां आकर परिक्रमा करते हैं। भीड़ और दुर्गम रास्तों के बीच श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो, इसके लिए आपदा मित्र हर मोड़ पर तैनात हैं।
मुख्य सेवा कार्य:
श्रद्धालुओं की सहायता:बुजुर्ग और दिव्यांग परिक्रमार्थियों को सुरक्षित रास्ता पार कराना।
प्राथमिक चिकित्सा: पैरों में छाले या मामूली चोट लगने पर तत्काल सहायता प्रदान करना।
भीड़ नियंत्रण: प्रशासन के साथ मिलकर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना।
मार्ग दर्शन:दूर-दराज से आए लोगों को रास्तों और पड़ावों की सही जानकारी देना।
आपदा मित्रों ने बताया कि “परिक्रमा मेले में सेवा करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी श्रद्धालु असहाय महसूस न करे और आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशों का पालन करते हुए हम पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं।”
स्थानीय प्रशासन और श्रद्धालुओं ने इन आपदा मित्रों के निस्वार्थ भाव और सक्रियता की सराहना की है।




