जीआरपी आजमगढ़ को भी मिला अंतर्राष्ट्रीय प्रमाणन,बीआईएस ने दी संस्थागत मान्यता
गुणवत्ता, पारदर्शिता, समयबद्ध सेवा के उच्च मानक, डीजीपी राजीव कृष्ण बोले- जनकेंद्रित पुलिसिंग की दिशा में बड़ी उपलब्धि
ए अहमद सौदागर लखनऊ। यूपी पुलिस ने गुणवत्ता प्रबंधन में इतिहास रच दिया। देश में पहली बार किसी जनपद के सभी पुलिस थानों को एक साथ बीआईएस का आईएसओ सर्टिफिकेट मिला है। साथ ही जीआरपी आजमगढ़ थाना को भी अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त हुआ।
भारतीय मानक ब्यूरो बीआईएस ने जनपद चंदौली के सभी 16 पुलिस थानों को आईएसओ 9001:2015 और आईएस 15700:2018 मानकों के तहत प्रमाणित किया है।
ये प्रमाणन पुलिस सेवाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही, नागरिक संतुष्टि और समयबद्ध सेवा वितरण के उच्च मानकों की संस्थागत मान्यता है।
बीआईएस की उप महानिदेशक स्नेहलता ने पुलिस मुख्यालय लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में डीजीपी उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण को प्रमाण-पत्र सौंपे।
राजकीय रेलवे पुलिस जीआरपी थाना आजमगढ़, अनुभाग गोरखपुर को उत्कृष्ट पुलिसिंग, प्रभावी प्रशासन और नागरिक-केंद्रित सेवाओं के लिए आईएसओ 9001:2015 अंतर्राष्ट्रीय प्रमाण-पत्र मिला।
प्रमाण-पत्र डीजीपी राजीव कृष्ण ने प्रभारी निरीक्षक नासिर हुसैन को दिया। इस मौके पर डीजी रेलवे प्रकाश डी. भी मौजूद रहे।आईएसओ प्रमाणन से साबित हुआ कि जीआरपी आजमगढ़ की कार्यप्रणाली अब अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरती है।चंदौली एसपी आकाश पटेल और पूर्व एसपी फिरोजाबाद आदित्य लांग्हे के मार्गदर्शन में सभी 16 थानों में मानकीकृत प्रक्रियाएं लागू की गईं। बुनियादी सुविधाएं मजबूत की गईं, अभिलेख प्रबंधन व्यवस्थित हुआ और जनसुविधाओं में सुधार किया गया।
नियमित समीक्षा, प्रशिक्षण, आंतरिक ऑडिट और सख्त मॉनिटरिंग से प्रमाणन की सभी शर्तें पूरी की गईं।
इस मौके पर डीजीपी राजीव कृष्ण ने चंदौली पुलिस और जीआरपी आजमगढ़ टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी और जनकेंद्रित पुलिसिंग यूपी पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी मार्गदर्शन और पुलिसिंग में सुधार के निर्देशों का परिणाम बताया।डीजीपी ने भरोसा जताया कि चंदौली और जीआरपी आजमगढ़ प्रदेश की अन्य इकाइयों के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगे।




